फतेहाबाद में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस ; CM बोले कुछ नासमझ लोग कटाक्ष करते है इसका कौन सा परिवार है ; लेकिन हरियाणा के करोड़ों लोग मेरा परिवार
फतेहाबाद :- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि कुछ नासमझ लोग कटाक्ष करते है कि इसको क्या पता इसका कौन सा परिवार है, लेकिन हरियाणा के करोड़ों लोग मेरे परिवार हैं। फैमिली ID हमने बनवाई, सब की जन्मथिति मेरे पास है, सबको मैं जन्मदिन की बधाई भिजवाता हूं। आलोचनाएं होती रहती हैं, छोटी सोच के लोग कुछ भी कहें, लेकिन प्रदेश की सेवा करने का लक्ष्य सामने है। सीएम ने कहा कि उनके अपने शरीर पर एक कपड़ा लेकर आए थे।
फतेहाबाद में राज्यस्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार खत्म करना, विकास कराना हमारा काम है। लोग कहते हैं समाज के लिए क्या किया। लेकिन पूरा प्रदेश मेरा समाज है। हम जिस माटी में, देश प्रदेश में रहते हैं, उसमें मिल कर और भाईचारा बना कर रहना है।
मैंने ये नहीं कहा कि पंजाबी एक, मैंने कहा हरियाणा एक हरियाणवी एक। 1947 में बिना सामान यहां आए, उस समय आरक्षण देने की बात आई तो समाज के लोगों ने आरक्षण से मना किया। आज जो तरक्की अपने पैरों पर की है, शायद वो ना हो पाती। मेहनत परिश्रम से जो आगे बढ़े वो बढ़ते रहें।
मनोहर लाल ने कहा कि देश के पीएम ने 2021 में विभाजन में पंजाबियों के दर्द की याद सारे देश को कराई। जब से देश आजाद हुआ, तब से हर सरकार जश्न मनाती आई है आजादी का। लोगों ने सपने संजोए, शहादत दी, लेकिन कटु सत्य है कि लोगों ने बहुत कीमतें चुकाई, लेकिन किसी ने एक बड़ी कीमत को नहीं याद किया।
भारत माता के दो अंग काट दिए, एक पूर्व दूसरा पश्चिमी पाकिस्तान बना। इस पीड़ा को याद करना जरूरी है। विभाजन भूला नहीं जा सकता, लेकिन एक सकंल्प ले सकते हैं कि भविष्य में देश की अखंडता को कोई खंडित नहीं करेगा। ये आजादी लाखों लोगों के खून से मिली। लोग इस डरावने मंजर को देखा, रोये, उनके आंसुओं से लिखी आजादी की कहानी है।
सीएम ने कहा कि आज यहां जो लोग हैं, उन्होंने अपने दादी नानी से वो कहानियां सुनीं। 76 साल हो गए आजादी को। उस समय कोई 10-12 साल का हो तो उसे याद भी हैं। क्या पीड़ा दृश्य था कत्लेआम का। रास्ते मे गर्दनें उखाड़ दी गई। बेटियों माओं को बचाने के लिए अपने हाथों से भी मारना पड़ा। आज हम यहां उनकी शहीदी की बदौलत बैठे हैं।
सीएम ने कहा कि पंचनद स्मारक बनाने के सकंल्प को लोग दिल मे लेकर बैठे हैं। वो संकल्प जरूर पूरा होगा। जो बात पीएम ने लाल किले से बोली उसको मैं दोहरा रहा हूं विभाजन की पीड़ा भुला नहीं सकते। उनकी याद में जगह जगह स्मारक बनाने का आह्वान पीएम ने किया। यह सामान्य घटना या दुर्घटना नहीं, जिसे कुछ समय बाद भूला दिया जाए।
उन्होंने कहा कि महाभारत भी ऐतिहसिक घटना थी, जिसमें लाखों जानें गई, जो उस घटना में नायक थे उनको भगवान का दर्जा दिया गया। क्योंकि एक सन्देश दिया कि न्याय की जीत होनी चाहिये। हर घटना सन्देश देती है। इसलिए उस पीड़ा को याद करते हुए हर वर्ष एक कार्यक्रम करेंगे। मेरे मन मे एक पीड़ा है कि मेरा परिवार भी उन्हीं परिवार में था।
शरीर पर केवल एक कपड़ा था। पहले रोहतक के एक गांव में मजदूरी कर दोबारा से जीवन शुरू किया, फिर कुछ जोड़ कर महम से प्याज खरीद कर लाये। फिर गांव के दुकान खोली। फेरी लगाई, उस समय मैं छोटा था। फिर भाई अपने अपने काम मे लगे और आपके आशीर्वाद से मुझे आज यहां हरियाणा में यह स्थान मिला। कोई नहीं सोच सकता कि उस त्रासदी में शामिल परिवार का सदस्य यहां तक पहुंचा।

इससे पहले कार्यक्रम में पंचनद स्मारक ट्रस्ट के संरक्षक स्वामी धर्मदेव ने कहा कि सारा देश आज छोटे बड़े रूप में आज का दिन मन रहा है। सारे देश मे सबसे बड़ा प्रोग्राम हरियाणा, फ़तेहाबाद में हो रहा। मुख्यमंत्री ने अपना जीवन प्रदेश को समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के खून का कतरा कतरा और रोम रोम प्रदेश को समर्पित है। हर समाज अपने महानुभाव पर गर्व करता है। इसी प्रकार पंजाबी समाज सीएम मनोहर लाल पर गर्व क्यों न करे।
आज स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज जो कार्यक्रम मनाया जा रहा है तो आज फ़तेहाबाद का बच्चा बच्चा आज गदगद है। देश मे बहुत काम पहली बार हुए। पीएम मोदी पहले पीएम हैं जो बंटवारे के दर्द को समझ सके, पीएम ने लालकिले की प्राचीर से कहा था कि जो स्वतंत्रता दिवस हम मनाते आये हैं, लेकिन यह तो बाद में मनेगा उससे पहले बंटवारे के शहीदों को याद किया जाएगा।
विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि 2006 में पंचनद समिति और 2007 में ट्रस्ट बनाया। हर सरकार से जमीन मांगी नहीं मिली तो अपने दम पर 25 एकड़ जमीन खरीदी। मुख्यमंत्री ने अपनी पैतृक 3 एकड़ में से एक एकड़ जमीन पंचनद को दी। 1947 के पार्टीशन के समय हमने अपना धर्म नहीं बदला, बदले में सब छोड़ आये। बेटियों पर उंगली उठी तो उन्हें जिंदा जला दिया। बुजुर्गों ने रेहड़ियां लगाई। आज यहां जो भी लोग मंच पर हैं वो अपने बुजुर्गों के संघर्ष से यहां हैं।
एक एक पंचनद का व्यक्ति मुख्यमंत्री का आभारी हैं। लोकसभा में 10 की 10 सीटें भाजपा को जिताएंगे और हरियाणा में भी फिर से मनोहर लाल को सीएम बनवाएंगे। उन्होंने कहा कि आज इतने सन्त आये तो सन्तों का आशीर्वाद सीएम पर है तो कोई उनका बाल बांका नहीं कर सकता।
सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि विभाजन में शहीद हुए लोग अनसंग हीरो हैं, उनको याद कभी नहीं किया गया। आज प्रधान मंत्री ने उनको याद करने का दिन रखा। कितना दर्द तकलीफ हुई होगी, जिन्होंने अपनी जन्मभूमि को खोया और फिर अपने बलबूते पर अपनी जगह बनाई। किसी को यदि किसी समाज से सीखना है तो वो पंजाबी समाज से सीखें।
उन्होंने बिना रिजर्वेशन लिए समाज आज कामयाब है। वो भी रोहतक में जन्मी हैं तो सीएम मनोहर लाल को वे मामा कहती हैं। जबसे हरियाणा बना है पहली बार कोई सीएम स्वतंत्रता दिवस पर फ़तेहाबाद आया है। फ़तेहाबाद में रेल के लिए ऐलनाबाद से सिरसा तक, उकलाना से नरवाना तक और हिसार से अग्रोहा होते हुए फ़तेहाबाद तक रेल के लिए वे रेल मंत्री को लिख चुकी हैं।
विधायक दुड़ाराम ने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने बहुत कठिनाई सही। मेरे ताऊ पूर्व सीएम भजन लाल के पिता बताया करते थे कि बड़ी त्रासदी उस समय सही थी, आज उनको नमन करते हैं। विधायक ने बाढ़ त्रासदी को लेकर सीएम को बताया कि आबादी को प्रशासन और सरकार ने बचाया। उसके लिए लोग सरकार के आभारी हैं। फतेहाबाद को सरकारी कॉलेज सीएम ने दिया, प्रदेश का सबसे आधुनिक बस स्टैंड फ़तेहाबाद में बना।
कार्यक्रम में मंच पर भाजपा पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, विधायक सीमा त्रिखा, विधायक कृष्ण मिढा, सुभाष सुधा, स्वामी धर्मदेव, डेरा संगर साधा प्रमुख बाबा ब्रह्मदास, स्वामी विज्ञान प्रेमानंद, हांसी के विधायक विनोद भ्याना, सांसद सुनीता दुग्गल, संजय भाटिया, फ़तेहाबाद विधायक दुड़ाराम, लक्ष्मण नापा, कर्ण देव कम्बोज मंच पर बैठे हैं।
इससे पहले जींद के विधायक कृष्ण मिढा ने कहा कि विभाजन के दौरान बुजुर्गों पर हिंसा हुई। लोगों ने सोचा कि वे वापस आएंगे तो अपना सोना चांदी दबा आये, लेकिन वापस कोई नहीं गया। सोच कर कलेजा कांप जाता है कि किस प्रकार बहन बेटियों की अस्मत पर हाथ डाला गया, तो लोगों ने अपनी बहन बेटियों को जहर देना मंजूर किया।
यहां आकर फिर छोटे कामों से शुरुआत की और फिर कामयाब हुए, गलियों में जाकर समान बेचा, फड़ियां लगाई। लोग अपने आप को दिन रात एक कर रहे थे। आज उन बुजुर्गों को नमन है। यर क्षेत्र में पंजाबी समुदाय ने अपने आप को कामयाब किया। 2016 में फिर आगजनी हुई। अत्याचार अनेक हुए, लेकिन समाज रुका नहीं, आगे बढ़ता रहा
स्वामी विज्ञान प्रेमानंद ने कहा कि दादा परदादा ने जो कहानियां बताई उनको सुन रोंगटे खड़े हो जाते हैं। महिलाओं ने जोहर किये, कुओं में कूद जान दे दी, उस विभीषिका को भूल नहीं सकते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिन को मनाने का फैसला कियाज़ यह सराहनीय है। रिकॉर्ड में 5 या 10 लाख लोग शहीद होने की बातें हैं लेकिन असल मे 20 लाख से ज्यादा लोग उस विभीषिका में यातनाएं सह कर गुजर गए। उन्हें आज श्रद्धांजलि देने आए हैं।
बता दें कि पंचनद से जुड़े कई बड़े नेता व संत भी इस अवसर पर शिरकत करेंगे। 1947 में आजादी के समय हुए विभाजन में शहीद हुए लाखों लोगों को यहां श्रद्धांजलि दी जा रही है। साथ ही आजादी से पहले अविभाजित भारत में जन्मे बुजुर्गों को सम्मानित भी किया जाएगा।
प्रदेशभर से 8 से 10 हजार लोग यहां उमड़ेंगे। जिनमें अधिकतर वो लोग होंगे जो विभाजन का दंश झेल चुके हैं। सीएम मनोहर लाल खट्टर के आगमन पर पूरे शहर को तिरंगे से सजाया जा रहा है। डिवाइडरों और चौक चौराहों को केसरी, सफेद और हरे रंगे से सजाया गया है। अनाज मंडी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आज सुबह डॉग स्कवायड व बम निरोधक दस्ते ने कार्यक्रम स्थल के अंदर व बाहर पूरी तरह से जांच पड़ताल की। 14 व 15 अगस्त के लिए फतेहाबाद में ड्रोन व पैराग्लाइडर की उड़ान पर रोक लगा दी गई है।
इसके बाद यहां से वे लघु सचिवालय के पास बने डीपीआरसी भवन पहुंचेंगे, जहां वे आयुष्मान भारत चिरायु योजना के विस्तारी करण के पोर्टल का शुभारंभ करेंगे।इसके अंतर्गत अब एक लाख 80 हजार से 3 लाख रुपये प्रति वर्ष आय वाले परिवार भी इस योजना के तहत जुड़ सकते हैं। यहीं पर सीएम पत्रकारों से मुखातिब होंगे।
अगले दिन 15 अगस्त को सुबह पौने 9 बजे वे पुलिस लाइन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पहुंच कर ध्वजारोहण करेंगे। 11 बजे तक वे कार्यक्रम में रहेंगे। इसके बाद 12 बजे वे यहां से रवाना हो जाएंगे।


