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जींद में पूर्व मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जजपा के साथ गठबंधन रहा तो भाजपा छोड़ देंगे ; किसानों को छह हजार रुपये सालाना की खैरात नहीं चाहिए, एमएसपी कानून बनाकर हक दिलाया जाए।

आजादी के 76 साल बाद भी किसानों की हालत यथावत है।

जींद :- जींद में पूर्व मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा का जजपा के साथ गठबंधन रहा तो वह भाजपा में नहीं रहेंगे। किसानों की पैरवी करते हुए कहा कि किसानों को छह हजार रुपये सालाना की खैरात नहीं चाहिए। एमएसपी गारंटी कानून लागू होना चाहिए। इसके बाद किसान को न सब्सिडी चाहिए और न ही कोई अन्य लाभ। किसान खुद खुशहाल हो जाएगा। वह सोमवार को एकलव्य स्टेडियम में मेरी आवाज सुनो रैली में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।

पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने हमेशा किसान और कमेरा वर्ग की आवाज उठाई है, चाहे वह किसी भी पार्टी में रहे हों। उन्होंने सबसे पहले दिल्ली किसान आंदोलन में किसानों का समर्थन किया था। वहीं जब बेटियों के साथ अन्याय हुआ और वह दिल्ली में धरने पर बैठीं तो भी उन्होंने बेटियों का साथ दिया था।

वह कभी लोगों की आवाज नहीं दबाते। वह हमेशा चाहे अपनी ही पार्टी के खिलाफ उठानी पड़े, निडर होकर उठाते रहे हैं। उन्होंने महिलाओं की वकालत करते हुए कहा कि महिला कर्मचारी को पुरुष कर्मचारी से 33 प्रतिशत अधिक वेतन मिलना चाहिए। विदेश जाने वाले युवकों के लिए वीजा और वहां का खर्च सरकार वहन करे ताकि उन्हें जमीन बेचने की जरूरत नहीं पड़े।

बीरेंद्र सिंह ने कहा कि आजादी के 76 साल बाद भी देश के वही हालात हैं। आज तक किसान व कमेरा वर्ग की समस्याएं ऐसे ही खड़ी हैं। सरकार ने कोशिश की लेकिन समाधान नहीं हो पाया। इसके लिए आवाज उठाने की जरूरत है। सरकार के कृषि विशेषज्ञ कहते हैं कि एमएसपी बढ़ा दिया तो महंगाई बढ़ जाएगी, लेकिन जब अन्य चीजों के भाव बढ़ते हैं तो महंगाई नहीं बढ़ती।

किसान के पास पैसा होगा तो वह खुशहाल होगा और पैसे खर्च करेगा। इससे सभी कारोबारियों के काम चलेंगे, लेकिन कुछ लोगों की मानसिकता के कारण ऐसा नहीं हो रहा। अब बदलाव की जरूरत है। किसानों के बारे में सरकारों को सोचना होगा।

बीरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा को उम्मीद है कि जजपा उनको वोट दिला देगी, लेकिन जजपा की खुद का ही वोट नहीं है तो वह कैसे दिलाएगी। दुष्यंत चौटाला पर हमला बोलते हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा कि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार जजपा के इस नेता ने किया, जिसमें लोगों को देवीलाल नजर आते थे। लोग उनको अवतार मानने लगे थे।

जजपा ने जितना धोखा लोगों के साथ किया, उतना किसी ने नहीं किया। सांसद बृजेंद्र सिंह ने अपने पिता से पहले संबोधित करते हुए कहा कि आप चाहे कुछ भी हों, अपने मन की बात लोगों के सामने रखें। इसमें राजनीतिक नफा-नुकसान की कोई परवाह नहीं करें।

बृजेंद्र सिंह ने दिया खुलकर साथ
रैली में सांसद बृजेंद्र सिंह ने अपने पिता से कहा कि उन्होंने अपने जीवन के 50 साल राजनीति को दे दिए हैं। अब जो भी फैसला करें, वह दिल से करेंगे। इसमें यदि राजनीतिक नुकसान हो तो भी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरा यानी बृजेंद्र सिंह के बारे में मत सोचना कि मेरा फायदा होगा या नुकसान, आपको जो सही लगे, वही करना।

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हुड्डा के साथ मिलें तो 70 सीट मिलेंगी : बराड़
पंजाब के पूर्व सांसद जगमीत सिंह बराड़ ने कहा कि आज किसानों को उनके हकों की सबसे ज्यादा जरूरत है। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू होनी चाहिए। यदि यह रिपोर्ट लागू हो जाए तो किसान अपने आप समृद्ध हो जाएंगे। बराड़ ने बीरेंद्र सिंह से कहा कि यदि आप भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ मिल जाओ तो हरियाणा की 90 में से 70 सीट आप दोनों की आ सकती हैं। उन्होंने बीरेंद्र सिंह को सच्चा किसान हितैषी बताया।

चाय वाला प्रधानमंत्री बन सकता है तो ट्रैक्टर वाला क्यों नहीं
कृषि विशेषज्ञ देवेंद्र शर्मा ने अपने पास बीरेंद्र सिंह को खड़ा करते हुए कहा कि यही बदलाव है। हिसार में एक किसान की किस्त लेट हुई तो उसे जेल हो गई, लेकिन बड़े-बड़े उद्योगपतियों के पांच-पांच हजार करोड़ रुपये माफ किए जा रहे हैं, जिसका कोई जिक्र नहीं होता। 1970 में गेहूं का एमएसपी 76 रुपये प्रति क्विंटल था जो 2015 में 1450 रुपये किया गया। वहीं एक स्कूल मास्टर का वेतन 280 से 300 गुणा बढ़ा। एक लेक्चरर का वेतन 170 गुणा बढ़ा। इस हिसाब से 2015 में गेहूं का एमएसपी 7600 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए था। यदि कर्मचारियों को वेतन के अनुसार गेहूं का एमएसपी बढ़े तो किसान को किसी की मदद या सब्सिडी की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब एक चाय वाला देश का प्रधानमंत्री बन सकता है तो फिर एक ट्रैक्टर वाला क्यों नहीं बन सकता। सरकार किसानों को दिहाड़ीदार मजदूर बना रही है।

भाजपा की बुराई न कांग्रेस की, दोनों से दिखाया प्रेम
पूर्व केंद्रीय मंत्री व बांगर के दिग्गज नेता चौ. बीरेंद्र सिंह ने अपनी राजनीतिक ताकत दिखाते हुए भाजपा को चेतावनी देकर गेंद अब भाजपा के पाले में डाल दी है। अब भाजपा को यह तय करना है कि वह जजपा के साथ जाएगी या बीरेंद्र सिंह के साथ, क्योंकि बीरेंद्र सिंह ने एक ही विकल्प चुनने का भाजपा को मौका दिया है। बीरेंद्र सिंह ने किसानों के हितों को अपना पूरी रैली में मुद्दा बनाए रखा। इसके अलावा एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने की मांग की। बीरेंद्र सिंह ने भाजपा व कांग्रेस दोनों से अपना प्रेम दिखाया।

बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह 42 साल कांग्रेस में रहे। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने उनको पूरा मान-सम्मान दिया। उनका नाम केंद्रीय मंत्री के रूप में शामिल हो गया था, लेकिन कुछ राजनेताओं ने इसे कटवा दिया। स्व. राजीव गांधी व सोनिया गांधी ने उनकी बात कभी नहीं टाली। कुछ राजनेताओं की वजह से उन्हें कांग्रेस छोड़नी पड़ी।

स्व. राजीव गांधी व सोनिया गांधी ने उनको पूरा मान-सम्मान दिया। भाजपा ने भी उनको पूरा मान-सम्मान दिया है, लेकिन जजपा के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए। वह भाजपा के साथ ऐसे लोगों को सहन नहीं कर सकते, जो भ्रष्टाचारी व दगाबाजी हों।

अब यह भाजपा नेताओं को तय करना है कि वह जजपा के साथ रहेंगे या फिर बीरेंद्र सिंह के साथ। बीरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री सम्मान निधि को भी किसानों के लिए खैरात बताया और एमएसपी गारंटी कानून लागू करने की मांग की। इस मौके पर पूर्व विधायक प्रेमलता, रेणुका पंडित, पंजाबी गायक सोनिया मान, लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य जयभगवान गोयल, महेंद्र सिंह मलिक, शिवनारायण शर्मा, सोमबीर पहलवान समेत काफी संख्या में अन्य किसान नेता मौजूद रहे।

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