मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध के प्रति जताई चिंता


रोहतक, 22 अप्रैल ! ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, चिंताजनक और मानवता के लिए गंभीर खतरा है। मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी ने इस युद्ध की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का युद्ध न केवल निर्दोष लोगों के जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि विश्व शांति और स्थिरता को भी गहरे संकट में डाल देता है।
संजय राठी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जब पूरी दुनिया आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों से जूझ रही है, ऐसे समय में युद्ध जैसी घटनाएं इन समस्याओं को और अधिक गंभीर बना रही हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई ने न केवल मध्य-पूर्व क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाई है, बल्कि इसका असर पूरी विश्व अर्थव्यवस्था, ऊर्जा संसाधनों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी राष्ट्र द्वारा शक्ति प्रदर्शन और युद्ध के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजने का प्रयास निंदनीय है। यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संप्रभुता के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण हजारों निर्दोष नागरिकों की जान खतरे में है, लाखों लोग विस्थापित हो रहे हैं और मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
संजय राठी ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि विश्व के शक्तिशाली देशों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और शांति स्थापना के लिए सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का आक्रामक रुख वैश्विक संतुलन को बिगाड़ता है और दीर्घकालिक शांति के लिए घातक सिद्ध होता है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र और सभी प्रभावशाली देशों से अपील की कि वे इस संघर्ष को तुरंत रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि संवाद, कूटनीति और आपसी समझ ही ऐसे विवादों का स्थायी समाधान है।
मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मीडिया की भी इस समय बड़ी जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग के माध्यम से शांति और सद्भाव का संदेश फैलाए। उन्होंने कहा कि भ्रामक और उत्तेजक खबरें स्थिति को और अधिक बिगाड़ सकती हैं, इसलिए मीडिया को अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी के साथ निभानी चाहिए।
संजय राठी ने कहा कि मानवता सर्वोपरि है और किसी भी कीमत पर इसे खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने विश्व के सभी देशों से आग्रह किया कि वे युद्ध के रास्ते को छोड़कर शांति, सहयोग और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ें।



