गेहूं खरीद व उठान कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होगी बर्दाश्त-उपायुक्त नेहा सिंह
उपायुक्त ने गोहाना अनाज मंडी व रामगढ़ एफसीआई गोदाम का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया विस्तृत जायजा


गोहाना (सोनीपत), 21 अप्रैल। जिले में चल रही गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त नेहा सिंह ने मंगलवार को गोहाना अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी में पहुंच रही गेहूं की फसल की खरीद, उठान, बायोमैट्रिक सत्यापन, श्रमिक व्यवस्था, ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम तथा ई-खरीद पोर्टल से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गहनता से निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने मंडी में मौजूद किसानों से भी बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और मौके पर ही अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की उपज का समय पर और सुगमता से खरीद सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि मंडी में आने वाली प्रत्येक किसान की फसल की समय पर खरीद सुनिश्चित की जाए तथा उठान कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज को लेकर किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उपायुक्त ने कहा कि खरीद एजेंसियां, मार्केट कमेटी, वेयरहाउसिंग एजेंसियां और ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रेक्टर आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करें, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि गेहूं के उठान में देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रेक्टरों को निर्देश दिए कि पर्याप्त संख्या में वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर गेहूं का उठान कर उसे गोदामों तक पहुंचाया जाए। यदि किसी भी कॉन्ट्रेक्टर द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो उसके खिलाफ पेनल्टी, नोटिस जारी करने सहित ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बायोमैट्रिक प्रणाली के माध्यम से किसानों के सत्यापन की प्रक्रिया का भी अवलोकन किया और निर्देश दिए कि यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ और बिना किसी तकनीकी बाधा के संचालित की जाए। उन्होंने ई-खरीद पोर्टल के संचालन की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर सभी एंट्री समय पर और सही तरीके से दर्ज की जाएं, ताकि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की विसंगति न रहे।
उपायुक्त ने मंडी में साफ-सफाई, पेयजल, छाया, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि मंडी में आने वाला प्रत्येक किसान सम्मान के साथ अपनी उपज बेच सके, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
गोहाना अनाज मंडी के निरीक्षण उपरांत उपायुक्त ने रामगढ़ स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) गोदाम का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने गोदाम की भंडारण क्षमता, गेहूं के रखरखाव, स्टैकिंग व्यवस्था तथा सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोदाम में रखे गए गेहूं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए और किसी भी प्रकार की नमी या खराबी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं।
उन्होंने गोदाम में कार्यरत कर्मचारियों और सुपरवाइजर्स को निर्देश दिए कि कि भंडारण कार्य पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। साथ ही अधिकारियों को नियमित रूप से गोदामों का निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और गेहूं खरीद सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। इस अवसर पर एसडीएम अंकित कुमार, सचिव मार्केट कमेटी गोहाना सुरेश कुमार, हैफेड मैनेजर ज्योति, वेयरहाउस मैनेजर रेनूबाला, प्रधान अनाज मंडी गोहाना श्यामलाल वशिष्ठ, रामधारी जिंदल सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



