कांग्रेस नेत्री शैलजा गोहाना में आर्य समाज के महासम्मेलन में पहुंचीं बतौर मुख्य अतिथि
केसरिया रंग पर किसी का कॉपीराइट नहीं, हो रहा सियासी दरुपयोग : शैलजा
गोहाना :-17 दिसम्बर : कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शैलजा ने कोई नाम लिए बिना रविवार को कहा कि केसरिया रंग का सियासी दरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि केसरिया पर किसी का कॉपीराइट नहीं है, केसरिया रंग असल में आर्य समाज का प्रतीक रंग है।शैलजा शहर में नशा मुक्ति अभियान में आर्य समाज द्वारा आयोजित प्रदेश स्तर के आर्य महासम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। वह इस आर्य महासम्मेलन की मुख्य अतिथि थीं। इस आर्य महासम्मेलन का संयोजन स्वामी नित्यानंद ने किया तथा इस आयोजन में प्रदेश भर से आर्य समाज की नामी-गिरामी हस्तियां पहुंचीं।
कांग्रेस नेत्री ने आगाह किया कि नशा केवल शराब का नहीं रहा। इंटरनेट का नशा शराब के नशे से भी ज्यादा खतरनाक है। गेमिंग और गैंबलिंग से नई पीढ़ी बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि नशा अपना स्वरूप बदल चुका है। शराब साथ जब ड्रग की भी लत लग जाए, घर के घर उजड़ जाते हैं।
कांग्रेस नेत्री ने दो टूक कहा कि सरकार से नशाबंदी को कर किसी सहयोग की उम्मीद न रखें। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना काल में सब कुछ बंद था, तब भी ठेके खुले थे। सरकार कुछ पैसे कमाने के लिए शराब की आलीशान दुकानें खोल रही है। लेकिन इससे कितने घर बर्बाद हो रहे हैं, यह हमारी बहनें ही बता सकती हैं।
उन्होंने कहा कि एक समय वह था जब पूरे गांव में कोई एक-आध ड्रिंक करने वाला होता था। लेकिन अब हालत यह हो गई है कि हमारे अपने साथी कहते हैं कि फलां समय के बाद कोई प्रोग्राम किसी गांव में मत करना।
शैलजा ने कहा कि कोई भी बदलाव आसान नहीं होता। लेकिन आर्य समाज ने बीड़ा उठाया और इसे कर दिखाया। आज हम खुद को गर्व से आर्य समाजी कह सकते हैं लेकिन एक वक्त वह था जब आर्य समाज ने कड़ा संघर्ष किया।
कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सोनीपत में आर्य समाज की जड़ें बड़ी गहरी हैं। शैलजा ने कहा कि राजनीति में धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव भी एक तरह की ऊंच-नीच ही है। उन्होंने अपने पिता स्व. दलबीर सिंह का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने आर्य समाज तो आर्य समाज ने उनके पिता को अपनाया।
भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार पर करारे प्रहार करते हुए शैलजा ने कहा कि आज हरियाणा अपराध में नंबर वन बन चुका है। इस अवसर पर स्वामी मुक्तिवेश, कालवा गुरुकुल के आचार्य राजेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री कृष्ण मूर्ति हुड्डा, प्रदीप जैलदार, मनोज बिचपड़ी, धर्मपाल भनवाला आदि भी उपस्थित रहे।



