मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह में की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत
पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम में किया बतौर मुख्य अतिथि संबोधन


पंचकूला,(अनिल जिंदल) 9 जून। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए पंचायतों को लोकतंत्र की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि वे उस शक्ति को नमन करने आए हैं, जिसने हजारों वर्षों से भारत में लोकतंत्र को जीवित रखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह हरियाणा के गांवों के गौरव, उनकी सामर्थ्य और उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव किसी योजना का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि विकास का पहला केंद्र होना चाहिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के 12 वर्षों का कार्यकाल सेवा, सुशासन और जनकल्याण का स्वर्णिम अध्याय रहा है और इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने नशा मुक्त हरियाणा का संकल्प दोहराते हुए कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इसके लिए मानस पोर्टल शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 2697 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 207.75 करोड़ रुपये, हर घर हर गृहणी योजना के तहत 19.75 करोड़ रुपये जारी किए गए। वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 35.76 लाख लाभार्थियों को 1151.51 करोड़ रुपये सीधे खातों में भेजे गए।
इसके अलावा ओबीसी और डीएनटी वर्ग के 25,729 विद्यार्थियों को 23.17 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति तथा दयालु योजना के तहत 4538 परिवारों को 169.50 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। पंचायतों के विकास कार्यों के लिए 1056.75 करोड़ रुपये की राशि भी सीधे उनके खातों में डाली गई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 17 जिलों के 179 गांवों में एलईडी स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन तथा 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी 350 अटल लाइब्रेरी का लोकार्पण किया। साथ ही मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार के तहत 6 ग्राम पंचायतों को 1.66 करोड़ रुपये की राशि देकर सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 तक सभी गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल बनाने का लक्ष्य रखा गया है तथा चालू वर्ष में ग्राम विकास के लिए 8704 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए 10 विभागों के कार्य सौंपे गए हैं और जिला परिषद अध्यक्षों को डीआरडीए का अध्यक्ष बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां पंचायती राज संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अंतर जिला परिषद का गठन किया गया है। बजट में पंचायतों के रखरखाव के लिए 5 प्रतिशत राशि सुरक्षित रखने का भी प्रावधान किया गया है।
उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए बताया कि वर्ष 2022 से 2025 तक 23,930 किसानों ने इसे अपनाया है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र में स्मार्ट एग्रीकल्चर योजना शुरू की जाएगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव जितने जागरूक होंगे और पंचायतें जितनी सशक्त होंगी, प्रदेश उतना ही समृद्ध बनेगा।



