दहेज प्रथा उन्मूलन के लिए महिलाओं को किया जागरूक, सामाजिक कुरीति के खिलाफ लिया संकल्प
दहेज मुक्त समाज निर्माण हेतु बडौता में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया भाग


गोहाना (सोनीपत), 9 जून। आज दिनांक 09 जून 2026 को गांव बडौता में दहेज प्रथा उन्मूलन विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में व्याप्त दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा महिलाओं को उनके अधिकारों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और दहेज मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में डब्ल्यूसीडीपीओ सुशीला देवी तथा सर्किल सुपरवाइजर अंजलि द्वारा उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि दहेज प्रथा केवल एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समानता के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि दहेज के कारण अनेक परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो जाते हैं तथा कई बार यह सामाजिक तनाव, पारिवारिक विवाद और महिलाओं के प्रति उत्पीड़न का कारण भी बनता है।
महिलाओं को बताया गया कि विवाह एक पवित्र सामाजिक बंधन है, जिसे लेन-देन का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। दहेज की मांग करना और देना दोनों ही कानूनन अपराध हैं तथा इसके विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधान बनाए गए हैं। यदि किसी महिला या उसके परिवार पर दहेज के लिए दबाव बनाया जाता है या किसी प्रकार का उत्पीड़न किया जाता है तो इसकी शिकायत संबंधित प्रशासनिक अथवा पुलिस अधिकारियों को तुरंत दी जानी चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें अपने परिवारों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी दहेज प्रथा के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित और जागरूक समाज ही इस कुरीति को समाप्त कर सकता है तथा बेटियों को सम्मान और समान अवसर प्रदान कर सकता है।
कार्यक्रम में सभी उपस्थित महिलाओं ने दहेज न लेने और न देने का संकल्प लिया तथा समाज से इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने में अपना सक्रिय योगदान देने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज को दहेज जैसी कुरीतियों से मुक्त बनाया जा सके।



