गोहाना :- 22 सितम्बर : पिछड़ी जातियों के विभिन्न संगठन शुक्रवार को सड़कों पर उतरे। उन्होंने अंबेडकर चौक मेँ पी.एम. नरेंद्र मोदी के पुतले का दहन किया। वे महिला आरक्षण के प्रस्ताव में पिछड़ी जातियों की महिलाओं के लिए अलग प्रावधान न होने का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन में पिछड़ी जातियों की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया तथा चेतावनी दी कि अगर महिला आरक्षण में पिछड़ी जातियों को उनका हक नहीं मिला, भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। प्रदर्शन का नेतृत्व पिछड़ा वर्ग अधिकार मंच के
राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र पांचाल ने किया। संयोजन आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के संरक्षक आजाद सिंह दांगी तथा पिछड़ा एवं अनुसूचित समाज महासभा के अध्यक्ष धूलाराम ने किया। इस गैर-राजनीतिक प्रदर्शन में भाजपा और जजपा को छोड़ कर विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।
एडवोकेट दिनेश सैन, अरुण निनानिया, कलावती पांचाल, शकुंतला पांचाल और कोमल कश्यप ने कहा कि देश की जनसंख्या में सबसे बड़ी हिस्सेदारी पिछड़ी जातियों की है, लेकिन इन जातियों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व न मिलने वे लगातार पिछड़ती ही जा रही हैं।सत्य नारायण पांचाल, जितेंद्र जांगड़ा, महावीर कश्यप, राजपाल कश्यप, अशोक वर्मा और रामभगत फौजी ने कहा कि पिछड़ी जातियों की याद भाजपा को तभी आती है जब कोई चुनाव दस्तक देता है। जब चुनाव का समय न हो, भाजपा इन जातियों को पूरी तरह से बिसारे रखती है। बलजीत बैरागी, पूर्ण रोहिल्ला, जग महेंद्र बाजवान, गंगा सिंह कश्यप, सत्य नारायण सैनी, विनोद सैनी, नरेश प्रजापति और सुनहरा जांगड़ा ने कहा कि अब पिछड़ी
जातियां जाग चुकी हैं। अगर भाजपा ने इन जातियों का शोषण जारी रखा और उन्हें महिला आरक्षण में उनका हक नहीं दिया, 2024 में वह सत्ता का मुंह नहीं देख पाएगी। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग अधिकार मंच के राष्ट्रीय
अध्यक्ष महेंद्र पांचाल ने कहा कि पिछड़ी जातियां अब बहकने वाली नहीं हैं। ये जातियां अपने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित बनाने के लिए हर तरह की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।



