गोहाना :- पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों और मजदूरों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। किसान व मजदूर अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों पढ़ा नहीं सकते हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र का भी बुरा हाल है। इस व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। वह रविवार शाम को शहर में सिंचाई विभाग के विश्रामगृह में अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने समर्थकों को दो अक्टूबर को जींद में होने वाली जनसभा केलिए निमंत्रण दिया।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि भारत भले ही विश्व में पांचवीं आर्थिक शक्ति बन चुका है लेकिन किसान व मजदूर की कहीं कोई सुनवाई नहीं है। देश में ऐसी व्यवस्था हो गई हैं कि उद्योगपति करोड़पति बन रहे हैं किसान व मजदुर नहीं। उन्होंने कहा कि आज देश में महिला खिलाड़ियों को सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है
आई.एन.डी.आई.ए. पर उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन की नीयत ठीक रही तो अगले लोकसभा चुनाव में बहुत अच्छा मुकाबला होगा। अगर इस गठबंधन की नीयत ठीक नहीं रही तब वर्ष 1977 जैसे हालात बनेंगे।
आई.एन.डी.आई.ए. बनने के बाद भाजपा को भी लगा कि अपने पुराने एन.डी.ए. का पुनर्गठन किया जाए। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि दो अक्टूबर को जींद में होने वाली जनसभा में जरूर पहुंचे।



