उपायुक्त नेहा सिंह ने दीप प्रज्वलित कर बाल भवन में किया विभिन्न प्रतियोगिताओं का शुभारंभ
रंगोली, क्ले मॉडलिंग, स्केचिंग, पोस्टर मेकिंग और फन गेम्स में लगभग 410 बच्चों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग


सोनीपत, 27 अक्टूबर। जिला बाल कल्याण परिषद, द्वारा बाल भवन में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने तथा उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष नेहा सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर लगभग 410 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा, कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान रंगोली, क्ले मॉडलिंग, स्केचिंग, ऑन-द-स्पॉट पोस्टर मेकिंग और फन गेम्स जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बच्चों ने सभी गतिविधियों में पूरे उत्साह, उमंग और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। रंगोली प्रतियोगिता में बच्चों ने रंगों के आकर्षक संयोजन से सुंदर आकृतियां बनाईं, वहीं क्ले मॉडलिंग में मिट्टी से विभिन्न कलात्मक वस्तुएं तैयार कर अपनी सृजनात्मक क्षमता का परिचय दिया। स्केचिंग और पोस्टर मेकिंग में बच्चों ने अपनी कला एवं कल्पनाशीलता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। फन गेम्स ने कार्यक्रम को मनोरंजक और उत्साहपूर्ण बना दिया।
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रचनात्मक गतिविधियां जरूरी
उपायुक्त नेहा सिंह ने बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों की छिपी प्रतिभा को निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने तथा उनमें सकारात्मक सोच, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कुछ विशेष करने की क्षमता होती है। बच्चों को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवाने चाहिए, ताकि वे अपनी प्रतिभा को पहचानकर जीवन में बेहतर उपलब्धियां हासिल कर सकें। ऐसे आयोजन बच्चों को नई चीजें सीखने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और एक-दूसरे से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करते हैं।
बच्चों को प्रतिभा प्रदर्शन के लिए उचित मंच उपलब्ध करवाना परिषद का उद्देश्य : आरती
जिला बाल कल्याण अधिकारी आरती ने बताया कि जिला बाल कल्याण परिषद बच्चों के कल्याण एवं सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करती रहती है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध करवाने के साथ उनकी प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से बच्चों में आपसी सहयोग, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम का मंच संचालन सुनीता, पीजीटी ने कुशलतापूर्वक किया। प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल ने बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता और प्रस्तुतियों का निष्पक्ष मूल्यांकन कर परिणाम घोषित किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में उपस्थित अधिकारियों, विभिन्न विद्यालयों से आए अध्यापकों और बच्चों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा भविष्य में भी बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के आयोजन किए जाते रहेंगे।


