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हरितिमा: हरियाली का रंग, हरियाणा के संग’ थीम के तहत मुरथल में दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए मास्टर ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण

प्रकृति आधारित शिक्षा, फील्ड एक्सपोजर और संवादात्मक गतिविधियों पर रहा विशेष जोर

सोनीपत, 27 अक्टूबर। हरियाणा वन विभाग की ओर से सीएएमपीए योजना के अंतर्गत ‘हरितिमा: हरियाली का रंग, हरियाणा के संग’ थीम पर 26 और 27 अक्टूबर को रीजनल मशरूम रिसर्च सेंटर, मुरथल में दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग के प्रचार एवं प्रशिक्षण सर्कल, पंचकूला द्वारा किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता को बढ़ाना तथा विद्यार्थियों, इको क्लबों और शिक्षण संस्थानों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।

पौधारोपण अभियान के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ पौधारोपण अभियान के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) नवदीप हुड्डा, आईएफएस तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) घनश्याम शुक्ला, आईएफएस ने भाग लिया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के सेवानिवृत्त उप वन संरक्षक अखिलेश कुमार खरे और सुनील कुमार सिन्हा तथा मध्य प्रदेश इको-टूरिज्म विकास बोर्ड के प्रबंधक एवं समन्वयक विशाल पाटिल भी उपस्थित रहे।

दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया

मध्य प्रदेश के विशेषज्ञों ने साझा किए प्रशिक्षण के व्यावहारिक अनुभव

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हरियाणा वन विभाग के अनुरोध पर मध्य प्रदेश इको-टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा चार अनुभवी मास्टर ट्रेनर्स और एक प्रबंधक की टीम नामित की गई। विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान अपनी व्यावहारिक जानकारी और अनुभव साझा किए। साथ ही, प्रतिभागियों को प्रशिक्षण की प्रभावी पद्धतियों, क्षेत्र आधारित गतिविधियों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के तरीकों से अवगत कराया गया।

प्रकृति आधारित शिक्षा और जैव विविधता संरक्षण पर विशेष जोर

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुभवात्मक शिक्षा, प्रकृति आधारित अध्ययन, फील्ड एक्सपोजर और संवादात्मक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया। मास्टर ट्रेनर्स को ऐसे प्रभावी तरीके अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को वनों के महत्व, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।

प्रदेशभर में पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

प्रशिक्षण में हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित मास्टर ट्रेनर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें प्रभावी संवाद कौशल और व्यावहारिक प्रशिक्षण तकनीकों से सुसज्जित करने का प्रयास किया गया, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों, शिक्षण संस्थानों और इको क्लबों के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता अभियान संचालित कर सकें।

इस अवसर पर वन विभाग की वन संरक्षक (प्रचार एवं प्रशिक्षण), पंचकूला बी. निवेदिता, आईएफएस सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ वन अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 

Khabar Abtak

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