2026-27 का बजट हरियाणा को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाला विकास का रोडमैप : शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा
-मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रस्तुत जनभागीदारी आधारित बजट से शिक्षा, युवा, किसान और उद्योग को मिलेगा नई गति

– हरियाणा ऐग्री डिस्कॉम नाम से बनाई जाएगी बिजली वितरण की तीसरी कंपनी
जींद, (अनिल जिंदल) 03 मार्च। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रस्तुत 2 लाख 23 हजार 658 करोड़ 17 लाख रुपये का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 10.28 प्रतिशत अधिक है, जो सरकार की बढ़ती विकास प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा मंगलवार को स्थानीय विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे इस अवसर पर उनके साथ जींद के एसडीएम सत्यवान मान, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जवाहर सैनी, मुख्यमंत्री के मीडिया कोऑर्डिनेटर अशोक छाबड़ा, पार्टी जिला अध्यक्ष तेजेंदर ढुल,गौरव भारद्वाज, पुष्पा तायल,रामफल शर्मा,भारत भूषण टांक सहित वरिष्ठ कार्यकर्ता व नेता उपस्थित थे।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2020 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा शुरू की गई जन-सुझाव परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान सरकार द्वारा इस बार 13 बैठकों के माध्यम से 2,199 सुझाव और ए.आई. चैटबॉट से 12,400 सुझाव प्राप्त हुए। इनमें से लगभग 5,000 सुझावों को बजट में शामिल किया गया है। यह लोकतांत्रिक और पारदर्शी शासन का उदाहरण है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में प्रदेश की जीडीपी तीन गुना होकर 4.37 लाख करोड़ से बढ़कर 13.67 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रति व्यक्ति आय भी लगभग तीन गुना होकर 3.95 लाख रुपये के करीब पहुंच गई है। राजस्व घाटा और प्रभावी राजस्व घाटा दोनों में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार वित्तीय अनुशासन और कुशल प्रबंधन के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार केंद्रीय करों में हरियाणा का हिस्सा 1.361 प्रतिशत होगा, जो पिछले चक्र की तुलना में 24.52 प्रतिशत अधिक है। यह डबल इंजन सरकार की सफलता का प्रमाण है।
शिक्षा मंत्री ने विशेष रूप से शिक्षा क्षेत्र के प्रावधानों को ऐतिहासिक बताया। 250 विद्यालयों को सीएम एक्सीलेंस एण्ड अरली इंग्लिश स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। 250 स्कूलों में 25 करोड़ रुपये की लागत से अटल टिंकरिंग लैब स्थापित होंगी। उन्होंने कहा कि यह बजट शिक्षा को वैश्विक मानकों तक पहुंचाने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि हमारे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, बेहतर सुविधाएं मिलें, कौशल विकास हो, खेल के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बनें और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें। उन्होंने बताया कि शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाने के लिए हर 10 किलोमीटर के दायरे में एक मॉडल संस्कृति विद्यालय स्थापित होंगे इसके अलावा 25 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शुरू किए जा चुके हैं। इसी कड़ी में चालू वित्त वर्ष के दौरान 250 विद्यालयों को भी विकसित करने का विजन रखा गया है। इसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों से शिक्षा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हो पाएगी। इसमें साईंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स तथा नवाचार को बढ़ाने के लिए 15 और नई स्टेम लैब स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। जिनकी संख्या बढ़ाकर 600 तक ले जाने का बजट में प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 250 विद्यालयों में 25 करोड़ रुपये की लागत से अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने का प्रस्ताव बजट में रखा है।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर हमारे बच्चे सक्षम बनें, इसके लिए फ्रेंच भाषा के साथ-साथ अब जर्मन और जापानी भाषाओं के शिक्षण की सुविधा भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 3 हजार 328 उच्च वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के खेल मैदानों को भी विकसित करने के लिए प्रति स्कूल एक लाख रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इस राशि से खेलों के सामान, ट्रैक व मैदान को दुरूस्त करने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक नवंबर तक लगभग सभी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए ड्यूल डेस्क की सुविधा देने के लिए 200 करोड रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है, ताकि प्रदेश का कोई भी बच्चा जमीन पर टाट-पट्टी पर न बैठे।
उन्होंने बताया कि एक हजार से अधिक विद्यालयों में जो आईसीटी लैब पहले से स्थापित की गई थीं, उनके नवीनीकरण के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत का प्रावधान इस बजट में किया गया है।
उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समय एक लाख 80 हजार आय के परिवारों के बच्चों के लिए सुपर 100 योजना चलाई गई थी,विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने के लिए हमने सुपर 400 बच्चों तक योजना का लाभ दिया है। योजना का परिणाम अच्छा मिलने पर राज्य के 314 में से 227 बच्चों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। विद्यार्थियों में व्यावसायिक, उद्यमिता तथा कौशल के विकास के लिए कुशल बिजनेस चैलेंज का आयोजन हुआ जिसमें एक लाख 25 हजार विद्यार्थियों की 23 हजार टीमों ने भागीदारी की। जिसमें 66 टीमों को एक लाख रुपये प्रति टीम की दर से सीड मनी प्रदान की गई। जहां विद्यार्थियों ने कृषि के क्षेत्र में प्राकृतिक खेती, खाद तैयार करना, नाइट्रोजन, फास्फोरस, जिंक की मात्रा का प्रदर्शन किया वहीं सिलाई,तेल निकालने जैसे अन्य विषयों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि बच्चों की प्रतिभा विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सार्थक साबित होगी। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को और अधिक निखारने के लिए लगभग साढ़े तीन हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक भ्रमण पर भेजने का प्रस्ताव भी बजट में रखा गया है। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। जुलाई 2026 से प्रदेश के पांच राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में सायं कालीन एवं सप्ताहांत कक्षाएं प्रारंभ की जाएंगी। यदि किसी विद्यार्थी को आर्थिक कठिनाई आती है तो उसका खर्च सरकार करेगी, ताकि किसी भी विद्यार्थी को आर्थिक कारणों से पढ़ाई में बाधा न आए। अनुसंधान करने वाले उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सहयोग करने के लिए 10 करोड़ रुपये का कोष बनाया गया है, ताकि बच्चे अधिक से अधिक शोध कर समाज की समस्याओं का समाधान खोज सकें।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी 10 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष के नाम से एक अलग कोष स्थापित किया गया है, जिसमें अनुसंधान के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है,जो टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित जैसे क्षेत्रों में और उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए यह कोष उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर एआई एवं डिजिटल कॉलेज स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है। राज्य सरकार द्वारा वीर बाल मेमोरियल इनिशिएटिव योजना के तहत यदि बच्चे की स्कूल से घर या घर से स्कूल जाते समय दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को पांच लाख रुपये तक तथा दिव्यांग होने पर तीन लाख रूपये तक सहायता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त किसानों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। ट्यूबवेल कनेक्शन प्रदान करने की प्रक्रिया को तेज किया गया है। पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा दिए गए कनेक्शनों की निरंतरता बनाए रखते हुए वर्तमान सरकार इस दिशा में और प्रभावी कदम उठाएगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा ऐग्री डिस्कॉम नाम से तीसरी बिजली वितरण कम्पनी बनाने का प्रावधान बजट में किया गया है। यह कंपनी विशेष तौर पर किसानों के लिए कार्य करेगी। किसानों की सुविधा के लिए पैक्सों को कम्प्यूटराईज करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा एक लाख 40 हजार एकड़ लवणीय भूमि को खेती योग्य बनाना जाएगा। मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत 2 हजार रुपये प्रति एकड़ बोनस दिया जाएगा, ताकि किसानों की आय में इजाफा हो सके। अगले पांच वर्षो में जैविक खेती को और प्रभावी बनाने के लिए प्रमाणित किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ वार्षिक अनुदान देने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार द्वारा किशोरियों को एचपीवी की वैक्शीन मुफत में लगाई जाएगी। प्रदेश के सरकारी भवनों को सौर उर्जा से जोड़ा जाएगा। मेक इन हरियाणा योजना निवेशकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। प्रत्येक विधानसभा में एक-एक आदर्श परीक्षा केन्द्र स्थापित किया जाएगा। बजट में हर वर्ग को लाभान्वित करने के साथ-साथ श्रमिकों के लिए भी मासिक आय को बढ़ाकर 15 हजार 200 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अग्निवीरों को हरियाणा पुलिस में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 3 लाख महिलाओं को लखपति दीदी, पिंक कैब योजना के तहत 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण,इफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास, 5 हजार किमी लम्बी सड़कों का सुधार,18 आरओबी और 12 आरयूबी का निर्माण किया जाएगा। हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट हरियाणा को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा।



