डॉ. कपूर नरवाल को कथूरा गांव ने तोल दिया 82.82 लाख से
गोहाना :-29 सितंबर : रविवार को बरोदा हलके की 36 जातियों के पंचायती उम्मीदवार डॉ. कपूर सिंह नरवाल पर उनके पैतृक गांव कथूरा ने जम कर प्यार लुटाया। उन्हें उनके पैतृक गांव कथूरा से 14 किलोमीटर गोहाना में महम रोड रेलवे फाटक पर स्थित उनके चुनाव कार्यालय से ट्रैक्टरों के काफिले के साथ कथूरा ले जाया गया। लंबे चौडे विशाल काफिले के साथ सभा स्थल तक पहुंचने में 4 घंटे का समय लग गया। हरी पगड़ी में डॉ. कपूर सिंह नरवाल को कंबाइन पर बैठा कर सभा स्थल तक ले जाया गया |
कथूरा गांव आयोजित विशाल जनसभा स्थल पर डॉ. कपूर नरवाल को 82.82 लाख रुपए भेंट किए गए। इनमें से 81.71 लाख रुपए कैश दिए गए। 1.11 लाख रुपए अमेरिका से अलग से भेजे गए।
डॉ. कपूर सिंह नरवाल तीन साल से कैंसर से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं बोलना तो बहुत कुछ चाहता हूँ लेकिन आप ने मुझे जो फूलों की मालाओं और पगड़ियां भेंट कर सम्मान दिया है और चुनाव लड़ने के लिए पैसे का जो सहारा लगाया है, उससे मैं गद-गद हूं। मुझसे बोला भी नहीं जा रहा है। मेने जिंदगी में कोई गलती नहीं की है। फिर भी कोई भाई रूठा हो तो उसे मना ले। मैं झोली पसार कर वोट की भीख मांग रहा हूं, 5 अक्तूबर को पूरे गांव की सभी वोट अपने इस भाई और बेटे को दे देना।
भूपेंद्र मलिक ने कहा कि 2020 के उप चुनाव में डॉ. कपूर नरवाल ने नामांकन भर दिया था, अगर वह चुनाव लड़ते, तभी एम.एल्.ए. बन गए होते। लेकिन उन्होंने भाईचारे की बात मान कर नाम वापस ले लिया। यदि वह नाम वापस न लेते, इंदुराज नरवाल कभी नहीं जीत पाते। इंदुराज नरवाल भालू का कर्तव्य था कि इस चुनाव में अपने बड़े भाई डॉ. कपूर सिंह नरवाल के लिए कथूरा गांव की चार साल पुरानी उधारी को लौटा देते।
कप्तान हुड्डा ने कहा कि इस बार सौ की सौ परसेंट वोट पोल करना । अगर कोई बाहर गया हो, उसे वापस बुला लेना। गांम राम होता है। कथूरा का यह धर्म बनता है कि वह गांव की एकता भंग न होने दे तथा अपने बेटे को इस बार प्रदेश का किंगमेकर बना दे।


