फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध, आदेशों की अवहेलना करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
- 24 मार्च से 23 मई 2026 तक लागू रहेंगे आदेश

सोनीपत, 24 मार्च। जिलाधीश नेहा सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत आदेश जारी करते हुए जिला सोनीपत में गेहूं की फसल की कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश जिला में 24 मार्च 2026 से 23 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा।
जिलाधीश ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से वातावरण में धुआं (स्मॉग) फैलता है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा आगजनी की घटनाओं से मानव जीवन, पशुधन तथा संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित होती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा भी फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिसके तहत उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। जिलाधीश ने स्पष्ट किया कि इन आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 संपठित वायु बचाव एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे फसल अवशेष को जलाने की बजाय उसके उचित प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों व अन्य वैकल्पिक उपायों का प्रयोग करें, ताकि पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



