आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस की 127वीं जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित
आई.सी.एस. पास करने के बाद भी नहीं की अंग्रेजों की नौकरी
गोहाना :-23 जनवरी: आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे ने मंगलवार को आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेता जी सुभाष चंद्र बोस की 127वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम सेक्टर 7 स्थित भगवान परशुराम आश्रम में हुआ।
मुख्य वक्ता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी रहे। अध्यक्षता भगवान परशुराम आश्रम के अध्यक्ष सुभाष शर्मा ने की । सानिध्य मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया का रहा। दांगी ने कहा कि नेता जी ने इंग्लैंड जा कर आई.सी.एस. की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। लेकिन वह ब्रिटिश शासन की सेवा नहीं करना चाहते थे। ऐसे में वह स्वदेश लौट कर कांग्रेस में शामिल हो गए। 1938 में नेता जी कांग्रेस के अध्यक्ष भी बने।
सुभाष शर्मा ने कहा कि नेता जी चाहते तो बड़े आराम से ऐश और आराम की जिंदगी गुजार सकते थे, लेकिन उन्होंने पूरा जीवन देश पर न्यौछावर कर दिया। डॉ. सरेश सेतिया ने कहा कि नेता जी सुभाष चंद्र बोस का देश को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त करवाने में अहम योगदान रहा। इस अवसर पर डॉ. समुद्र दास, राजपाल कश्यप, रमेश मेहता, प्रवीण गुप्ता, सतबीर पौडिया, श्रीभगवान कल्सन, हरभगवान चोपड़ा, कश्मीरी लाल बावा, मुखत्यार सिंह दांगी, राजेश बाजवान, रणधीर राठी, अशोक सरोहा आदि भी मौजूद रहे।


