गोहाना के गीता विद्या मंदिर के शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने महाराणा प्रताप की वीरता और शौर्य को किया नमन
71 किलो के कवच, 82 किलो के भाले से युद्ध करते थे महाराणा
गोहाना :-19 जनवरी : शुक्रवार को शहर में गुढ़ा रोड पर स्थित गीता विद्या मंदिर के शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने महाराणा प्रताप की वीरता और शौर्य को नमन किया। छात्र शाखा की संयोजक संतोष भारद्वाज ने कहा कि महाराणा प्रताप का कद 7 फुट 2 इंच था। वह 71 किलो का कवच धारण कर 82 किलो के भाले से युद्ध किया करते थे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के लिए सानिध्य स्कूल के प्रिंसिपल अश्विनी कुमार का रहा।
छात्रा शाखा की संयोजक मनु दूहन ने कहा कि महाराणा प्रताप का ज्यादातर समय भीलों संग बीता। भीलों से ही उन्होंने भाला चलाना सीखा। भील उन्हें किका नाम से जानते थे। कक्षा 9 की छात्रा अंशल ने कहा कि महाराणा ने जीवन पर्यन्त मेवाड़ की स्वाधीनता के लिए संघर्ष किया। प्रतिकूल परिस्थितियों से जूझते हुए मेवाड़ की अस्मिता को अक्षुण्ण बनाए रखा।
कक्षा 8 की छात्रा दक्षिता ने महाराणा प्रताप के शौर्य को नमन करतें हुए वीर रस की कविता का वाचन किया।


