गोहाना की सेन भगत धर्मशाला में 90वें शहीदी दिवस पर मास्टर सूर्य सेन को दी श्रद्धांजलि
गोहाना :-12 जनवरी: शुक्रवार को मास्टर सूर्य सेन के 90वें शहीदी दिवस पर उनका विनम्र स्मरण किया गया। श्री सेन धर्मशाला परगना 52 सभा के तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा उत्तम नगर स्थित सेन भगत धर्मशाला में हुई। इस श्रद्धांजलि सभा में नागरिकों ने सूर्य सेन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्य वक्ता मेजबान सभा के अध्यक्ष डॉ. सुभाष सेन थे। अध्यक्षता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की। डॉ. सुभाष सेन ने कहा कि मास्टर सूर्य सेन चटगांव में अध्यापक थे। यह स्थान अब बांग्लादेश में स्थित है। सूर्य सेन चटगांव के शस्त्रागार पर हमले के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने ही युवाओं की फौज इंडियन रिपब्लिकन पार्टी की स्थापना की थी।
आजाद सिंह दांगी ने कहा कि सूर्य सेन जनता में मास्टर दा के नाम से प्रसिद्ध थे। 40 साल की उम्र में उनको 11 जनवरी 1934 को फांसी की सजा दे दी गई। उन पर आरोप था कि उन्होंने अंग्रेजों के 22 अफसरों और 2 सौ से अधिक सहायकों की हत्याएं करवाई थीं ।
इस अवसर पर भीम सिंह सेन, सुरेश पवार, राजपाल कश्यप, महावीर सेन, धर्मबीर सेन, जय सिंह सेन, सतबीर पौडिया आदि भी उपस्थित रहे।


