हरियाणा में पानीपत से रोहतक आ रही ट्रेन में बम होने की सूचना देने वाला 14 वर्षीय नाबालिग निकला। उसकी मां की 2021 में मौत हो गई थी। जबकि पिता सब्जी बेचकर घर का गुजारा चलाता है। घर में बाप-बेटा ही रहते हैं। मां का फोन घर पर ही रखा हुआ था। इस पर उसने पिता से सिम दिलाने की जिद्द की। इस पर पिता ने एक दिन पहले ही उसे नई सिम लाकर दी थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि जब बच्चे ने सिम को फोन में डालकर एक्टिवेट किया तो उसमें रेलवे इंक्वायरी का नंबर 139 था। उसने खेल-खेल में रेलवे इंक्वायरी के नंबर पर फोन मिला दिया। जब सामने से बातचीत हुई तो भाषा चुनने के लिए कहा, जिसके बाद उसने हिंदी भाषा चुन ली।
इसके बाद फोन पर रेलवे इंक्वायरी वालों ने कहा कि हम क्या मदद कर सकते हैं। जिसके बाद उसने कहा कि जींद से रोहतक वाया पानीपत आने वाली ट्रेन में बम है।
इसी ट्रेन में आता-जाता था नाबालिग
जांच में सामने आया कि नाबालिग इसी ट्रेन में कई बार पानीपत तक गया है और वापस आया है। उसकी बुआ की शादी भी पानीपत के एक गांव में हो रखी है। इसलिए वह इस रूट पर आता-जाता रहता था। जिसके कारण उसने इसी ट्रेन का नाम पता था और इसी ट्रेन में बम होने की सूचना रेलवे इंक्वायरी को दे दी।
नाबालिग को भेजा बाल सुधार गृह
ASI राजेश कुमार ने बताया कि रेल में बम होने की सूचना के बाद टीमों ने ट्रेन की चेकिंग की, लेकिन उसमें बम नहीं मिला। जिसके बाद सूचना देने वाले की तलाश शुरू की। नंबर ट्रेस करने पर सूचना देने वाला झज्जर जिले के एक गांव का करीब 14 वर्षीय नाबालिग निकला। जिसे अंबाला के सुधार गृह में भेज दिया है।






