विदेशी कपड़ों से भरे ट्रक तले कुचल डाला था सैद को : दांगी
गोहाना :-12 दिसम्बर : बाबू गेनू सैद स्वदेशी आंदोलन के प्रथम शहीद थे। 12 दिसंबर 1930 को उन्हें अपने स्वदेशी प्रेम की कीमत तब जान की बाजी लगा कर चुकानी पड़ी थी
जब विदेशी कपड़ों से भरे ट्रक से अंग्रेजों ने उन्हें कुचल कर मार डाला था। उस समय सैद कपड़ा मिल मजदूरों के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे।
मंगलवार को यह खुलासा आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने किया। वह बाबू गेनू सैद के 93 वें बलिदान दिवस पर शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में उनको श्रद्धासुमन भेंट कर रहे थे। अध्यक्षता मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने की।
आजाद सिंह दांगी ने कहा कि बाबू गेनू सैद स्वाधीनता सेनानी और क्रांतिकारी के साथ स्वदेशी आंदोलने के पुरोधा थे निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने कहा कि हम सब को भी स्वदेशी को अपनाना चाहिए तथा विदेशी उत्पादों का सम्पूर्ण बहिष्कार करना चाहिए।
इस अवसर पर राजपाल कश्यप, सुरेश शर्मा, अंकित सिंहमार, राम कुमार दांगी, रूपेश पांचाल, राजबीर बैरागी आदि भी मौजूद रहे।


