गीता विद्या मंदिर में अभिभावकों को स्वर्ण प्राशन की उपयोगिता से अवगत करवाते हुए हिना ठुमर ने कहा-स्वर्ण प्राशन से बच्चे बनते हैं तेजस्वी और कुशाग्र
गोहाना :-30 नवम्बर : अखिल भारतीय समर्थ भारत प्रकल्प एवं स्वर्ण प्राशन की गुजरात प्रदेश इकाई की संयोजक हिना ठुमर ने कहा कि स्वर्ण प्राशन से बच्चे तेजस्वी, कुशाग्र, दीर्घाय और स्वस्थ बनते हैं। स्वर्ण प्राशन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है
मौसम परिवर्तन का उन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता । हिना ठुमर गुरुवार को शहर में गुढ़ा रोड पर स्थित गीता विद्या मंदिर में अभिभावकों को स्वर्ण प्राशन की उपयोगिता से अवगत करवा रही थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के अध्यक्ष परमानंद लोहिया ने की तथा संयोजन प्रिंसिपल अश्विनी कुमार का रहा। विशिष्ट वक्ता डॉ. विजय लक्ष्मी रहीं।
मुख्य वक्ता हिना ठुमर ने कहा कि स्वर्ण प्राशन हर माह पुष्य नक्षत्र में मंत्रोच्चार के मध्य दिया जाता है। जिस प्रकार आदिकाल में जन्म के समय बच्चों को घुट्टी दी जाती थी, ठीक उसी तरह से 12 वर्ष का होने पर स्वर्ण प्राशन दिया जाता है।



