भारतीय सभ्यता के लिए इस्लाम से ज्यादा खतरनाक काम किया अंग्रेजों ने : प्रो. तंवर

गोहाना :-25 नवम्बर : भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (आई.सी. एच. आर.) के अध्यक्ष प्रो. राघवेंद्र तंवर ने कहा कि भारतीय सभ्यता के लिए इस्लाम ने इतना खतरनाक काम नहीं किया, जितना अंग्रेजों ने किया। भारत की सभ्यता को तोड़ने का सर्वाधिक काम तो अंग्रेजों ने किया।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शासन में मिशनरी गतिविधियों को खुले तौर पर बढ़ावा दिया गया। तंवर हरियाणा हिस्ट्री कांग्रेस के 8 वें वार्षिक सत्र के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। दो दिन का यह समारोह बी.पी.एस. महिला विश्वविद्यालय में हो रहा है। विशिष्ट अतिथि महिला विश्वविद्यालय की वी. सी. प्रो. सुदेश रहीं।
प्रो. राघवेंद्र तंवर ने अपने सारगर्भित संबोधन में महर्षि दयानंद सरस्वती के विजन पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने तर्क की कसौटी पर अंध विश्वास का भी विरोध किया। उन्होंने स्वामी दयानन्द के पुन: जागरण पर जापान का उदाहरण देते हुए विस्तार से अपने विचार रखे।
वी.सी. प्रो. सुदेश ने कहा कि हरियाणा की महिलाओं के ऐतिहासिक योगदान को लिखित रूप से वाजिब स्थान नहीं मिला है। इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हरियाणा की महिलाओं के ऐतिहासिक योगदान को सामने लाने का मौका मिलेगा।भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम का आयोजन महिला विश्वविद्यालय के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग द्वारा किया जा रहा है।
समारोह में एच.एच.सी. के 8 वें सत्र के जनरल प्रेसिडेंट प्रो. घासी राम मलिक (सेवानिवृत्त), इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी, मीरपुर, रेवाड़ी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उद्घाटन समारोह के दौरान 7 वें सत्र की प्रोसिडिंग का अनावरण किया गया और बेस्ट पेपर अवार्ड भी प्रदान किए गए।


