नियमित दिनचर्या के साथ स्वाध्यायनियमित दिनचर्या के साथ स्वाध्याय उत्कृष्ट परिणाम का कारक बनता है – प्राचार्य अश्वनी कुमार
गोहाना :-25 नवंबर : अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान द्वारा संचालित गीता विद्या मंदिर गोहाना में आज दिनांक 25 नवंबर 2023 को कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी के संबंध में अभिभावक बैठक हुई।
जिसमें विद्यालय के प्राचार्य श्री अश्वनी कुमार ने अभिभावकों से चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों की तैयारी में सहयोग की दृष्टि से आप उनके संतुलित खान पान का ध्यान रखें। प्रतिदिन विद्यालय भेजें ।पढ़ने के लिए दिनचर्या तथा समय सारिणी का ध्यान रखें। पढ़ने के लिए उत्साहित करें। कभी भी हतोत्साहित न करें। बच्चे अपने पाठ्यक्रम को विभाजित करके तैयारी करते हुए लिखित अभ्यास करें। कम से कम 6 घंटे स्वाध्याय के लिए निश्चित करें परंतु लगातार समय न रखें। सकारात्मक तनाव अवश्य लें क्योंकि सकारात्मक तनाव हर परीक्षा में अवश्य ही सफलता प्राप्त कराता है। अतः नियमित दिनचर्या के साथ स्वाध्याय उत्कृष्ट परिणाम का कारक बनता है। 
अभिभावकों ने अपनी ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हम आपसे पूर्णतः सहमत हैं। घर में पूरा ध्यान देंगे। समय समय पर तैयारी संबंधी जानकारी भी देते रहेंगे।
अंत में कक्षाशः अभिभावकों ने अपने अपने बच्चों के शैक्षणिक स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। कक्षाचार्य के रूप में निर्मल गोयल, रीना खासा, रचना शर्मा, रवींद्र बत्रा ने भी अभिभावक को विषयानुसार संतुष्ट किया।
इस अवसर पर आचार्य रचना शर्मा जी ने एक सुमधुर कविता प्रस्तुत कर सभी को आत्मविभोर कर दियालिए उत्साहित करें। कभी भी हतोत्साहित न करें। बच्चे अपने पाठ्यक्रम को विभाजित करके तैयारी करते हुए लिखित अभ्यास करें। कम से कम 6 घंटे स्वाध्याय के लिए निश्चित करें परंतु लगातार समय न रखें। सकारात्मक तनाव अवश्य लें क्योंकि सकारात्मक तनाव हर परीक्षा में अवश्य ही सफलता प्राप्त कराता है। अतः नियमित दिनचर्या के साथ स्वाध्याय उत्कृष्ट परिणाम का कारक बनता है।
अभिभावकों ने अपनी ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हम आपसे पूर्णतः सहमत हैं। घर में पूरा ध्यान देंगे। समय समय पर तैयारी संबंधी जानकारी भी देते रहेंगे।
अंत में कक्षाशः अभिभावकों ने अपने अपने बच्चों के शैक्षणिक स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। कक्षाचार्य के रूप में निर्मल गोयल, रीना खासा, रचना शर्मा, रवींद्र बत्रा ने भी अभिभावक को विषयानुसार संतुष्ट किया।
इस अवसर पर आचार्य रचना शर्मा जी ने एक सुमधुर कविता प्रस्तुत कर सभी को आत्मविभोर कर दिया



