बी. बी. भंवरा ने रुखी गांव में झलकारी बाई की 193 वीं जयंती पर सम्बोधित करते हुए कहा-लक्ष्मी बाई ने झलकारी को शेर को मारने पर किया था भर्ती
गोहाना :-22 नवम्बर : पशु चराते समय झलकारी बाई ने शेर को मार दिया था। इसी से प्रभावित हो कर रानी लक्ष्मी बाई ने झलकारी बाई को अपनी सेना में भर्ती किया था। बुधवार को यह टिप्पणी अखिल भारतीय विश्वकर्मा विराट संघ के प्रदेश अध्यक्ष बी. बी. भंवरा ने की।
बी. बी. भंवरा रुखी गांव में झलकारी बाई की 193 वीं जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की। मुख्य वक्ता भंवरा ने कहा कि झलकारी बाई का जन्म 22 नवंबर 1830 को झांसी में हुआ। अंग्रेजों से लोहा लेते हुए जब उनके पति पूर्ण कोली वीरगति प्राप्त हो गए, तब झलकारी बाई ने पति के निधन का शोक मनाने की बजाय वेश बदल कर अंग्रेजों का डट कर मुकाबला किया।
आजाद सिंह दांगी ने कहा कि अंग्रेज सेना का नेतृत्व कर रहे जनरल ने जब झलकारी बाई के शौर्य और साहस को देखा, तब उसने कहा था कि अगर भारत की एक प्रतिशत महिलाएं भी झलकारी बाई जैसी हो जाएं, हमें जल्दी ही भारत को छोड़ कर चले जाना पड़ेगा।
इस अवसर पर इशा पांचाल, अजीत सिंह, मैनपाल पांचाल, कर्मबीर ढलवाल, रणबीर मिस्त्री, लक्ष्मी देवी, मीनू, अनु, वंश, अजमेर पांचाल आदि भी मौजूद रहे।


