भाकियू एम. पी. और एम.एल.ए. के चुनाव में नहीं उतारेगी अपने उम्मीदवार, हमारा नहीं सामर्थ्य कि उम्मीदवार खड़े कर सकें : चढूनी
किसान आंदोलनों की नाकामी के लिए जितनी सरकार जिम्मेदार,किसान नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया

गोहाना :-19 नवम्बर : हमारा इतना सामर्थ्य नहीं है कि हम उम्मीदवार खड़े कर सकें। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने रविवार को यह टिप्पणी की जब उनसे पूछा गया कि क्या भाकियू एम. पी. और एम.एल.ए. के चुनाव में हिस्सा लेगी।
उन्होंने किसान आंदोलनों की नाकामी के लिए सरकार जितना जिम्मेदार किसान नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया तथा साफ कहा कि अब तो आंदोलन केवल औपचारिकता भर रह गया है।
गुरनाम सिंह चढूनी भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल के साथ कथूरा गांव में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिना सरकार कानून नहीं बन सकते। कानून के बिना देश नहीं चल सकता। राजनीति में हिस्सा लेना तो चाहते हैं, लेकिन अपने उम्मीदवार खड़े करने का भाकियू का सामर्थ्य नहीं है।
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किसान नेताओं को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 12.6 महीने चले आंदोलन को बीच में छोड़ दिया गया। यही अगर संसद के अंदर बिस्तर लगाए होते, सरकार को पसीने आ गए होते। उन्होंने कहा कि किसान संगठन बिखर चुके हैं।
गुरनाम सिंह चढूनी 23 नवंबर को पिपली की अनाज मंडी में प्रस्तावित राज्य स्तर की रैली का न्यौता देने के लिए आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सब वर्गों की शक्तियां छीनने पर लगी हुई है। अब विधायकों की ताकत भी कम करने की तैयारी हो रही है।



