गोहाना में बिरसा मुंडा की 148 वीं जयंती मनाई गई ; अंग्रेजों को लोहे के चने चबवा दिए थे बिरसा मुंडा ने : दांगी
गोहाना :-15 नवम्बर :अंग्रेजों को लोहे के चने चबवा दिए थे बिरसा मुंडा ने : दांगी मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने बुधवार को कहा कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों को लोहे के चने चबवा दिए थे। वह पुराने बस स्टैंड पर बिरसा मुंडा की 148 वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद्रशेखर आजाद पार्क के पूर्व अध्यक्ष रमेश मेहता ने की तथा मार्गदर्शन आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने किया। मुख्य वक्ता आजाद सिंह दांगी ने कहा कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को वर्तमान झारखंड में हआ। उन्होंने दिलों पर ऐसी छाप छोड़ी कि आदिवासी उनको अपना भगवान मानते थे। केवल 25 साल की उम्र में बिरसा मुंडा को 9 जून 1900 को अंग्रेजों ने जहर खिला कर मार डाला। दांगी ने कहा कि अपने क्रांतिकारी चिंतन से बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज की दशा और दिशा में आमूल-चूल परिवर्तन कर दिया।
इस अवसर पर सरदार गुरुशरण सिंह, सुभाष शर्मा, कृष्ण पांचाल, मनोज सैनी, उमेद सिंह पांचाल, सतीश नागपाल, हरभगवान चोपड़ा, भारत भूषण क्षेत्रपाल आदि मौजूद रहे।


