हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य अनिल लाठर ने कहा कि विद्यार्थियों को दिए टैबलेट का लॉक तोड़ने वाले दुकानदारों पर होगी कार्रवाई
सोनीपत :-हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य अनिल लाठर ने कहा कि बाल अधिकारों का संरक्षण करना आयोग का पहला उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ई-अधिगम के तहत विद्यार्थियों को वितरित किए गए टैबलेट का लॉक तुड़वाकर अन्य एप चलाए जा रहे हैं। ऐसे में जिला शिक्षा अधिकारी टैबलेट की जांच करें और लॉक तोड़ने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करें। अनिल लाठर मंगलवार को लघु सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
उन्होंने बच्चों से संबंधित विभागों के साथ पॉक्सो, जेजे एक्ट, बाल श्रम व बाल विवाह विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। लाठर ने कहा कि बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए संबंधित इकाइयों व विभागों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। किसी भी सूरत में बाल अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूलों में पढ़ाने वाले सभी अध्यापकों की जानकारी से संबंधित बोर्ड को ऐसी जगह लगवाना सुनिश्चित करें, जिसे अभिभावक व बाहर से आने वाले व्यक्ति आसानी से देख सकें। इस दौरान एसीपी राहुल देव, डिप्टी डीईओ जितेंद्र छिक्कारा, बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन अनीता शर्मा, इंदु शर्मा, ममता शर्मा, आरती, बबीता शर्मा, अधिवक्ता अरुण शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आयोग सदस्य ने कहा कि विद्यार्थियों की निरंतर काउंसिलिंग करवाई जाए, ताकि किसी बच्चे के साथ कोई अपराध हो रहा है तो उसे रोका जा सके। विद्यालय में अगर कोई छात्रा कई दिनों से नहीं आ रही तो उसकी जानकारी लें। उसके साथ कोई घटना तो घटित नहीं हुई। ऐसा है तो तुरंत उसको इस अपराध से बचाएं। किसी भी बच्चे की आयु की जांच करने के लिए आधार कार्ड को आयु प्रमाणपत्र की श्रेणी में न लें। केवल जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर आयु की जांच करें। बाल देखरेख संस्थानों में रह रहे बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य पहलुओं पर निरंतर निगरानी रखी जाए।
आयोग सदस्य ने महिला एवं बाल संरक्षण विभाग की पीओ प्रवीन कुमारी को निर्देश दिए कि वे व्यापारियों के साथ बैठक कर उन्हें बाल मजदूरी को लेकर जागरूक करें। मजदूरों का पुलिस सत्यापन करवाने के लिए प्रेरित करें। स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई पुलिस अधिकारी किसी बच्चे का मेडिकल करवाने आते है तो मेडिकल करने में किसी प्रकार की देरी न की जाए।
