गन्नौर में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चला रहा था बस, हजारों के चालान कटे
गन्नौर :- बड़ी थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान बिना परमिट चल रही निजी बस को जब्त किया है। चालक के पास बस से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिले। जांच में सामने आया कि बस पर दूसरी बस की नंबर प्लेट लगाकर चलाया जा रहा था। दूसरी बस के मालिक की शिकायत पर पुलिस ने जब्त की गई बस के मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फरीदाबाद के गांव सारण निवासी हरिकिशन ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के बड़ौत निवासी दीपक सोनी से बस खरीदी थी। उस बस की पावर ऑफ अटॉर्नी उनके नाम है, जबकि बस की आरसी दीपक सोनी के ही नाम है। वह इस बस को फरीदाबाद में चलाते हैं। जब वह बस का टैक्स जमा करने के लिए गए तो पता लगा कि बस का 20 जून को 5 हजार रुपये का चालान उत्तर प्रदेश में व 24 जून को 38 हजार 500 रुपये व 28 जून को 18 हजार रुपये का चालान बिहार में कटे हुए हैं। जबकि इन तरीखों में उसकी बस कभी उत्तरप्रदेश व बिहार नहीं गई।
उन्होंने अपने स्तर पर जांच की तो पता लगा कि बड़ी थाने में बस का चालान किया गया है कि जिस पर उनकी ही बस का नंबर लगा हुआ है। इस सूचना के बाद वह थाना बड़ी पहुंचे। हरिकिशन ने जब थाना में पहुंच कर बस की जांच की तो उसमें से फर्जी नंबर प्लेट मिली, जिस पर उनकी बस का नंबर अंकित किया गया था। हरिकिशन का आरोप है कि बस के मालिक ने उसकी बस की फर्जी नंबर प्लेट तैयार कर धोखाधड़ी की और चालान भी कटवाए। पुलिस ने हरिकिशन की शिकायत पर बस मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
बड़ी थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस की टीम ने वाहनों की चेकिंग के दौरान एक बस को रुकवाया। चालक के पास बस के दस्तावेज नहीं मिले और न ही उसके पास परमिट था। जांच के बाद पता चला कि बस के रजिस्ट्रेशन का समय पूरा होने की वजह से संबंधित अथॉरिटी से परमिट नहीं मिला था, जिससे बस को फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलाया जा रहा था।



