बंदूक की जगह कलम को हथियार बनाया गणेश शंकर विद्यार्थी ने : डॉ. सेतिया
गोहाना :-26 अक्तूबर : गणेश शंकर विद्यार्थी देश को आजाद करवाने के लिए बंदक की जगह कलम को अपना हथियार बनाया। गुरुवार को यह टिप्पणी आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने की।डॉ. सेतिया पुराने बस स्टैंड पर विद्यार्थी की 133 वीं जयंती के समारोह को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता मोर्चे के संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की। डॉ. सेतिया ने कहा कि जहां गणेश शंकर विद्यार्थी महात्मा गांधी को अपना रोल मॉडल मानते थे, वहीं शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और सुखदेव सरीखे क्रान्तिकारियों से भी उनकी गहरी दोस्ती थी।
उनका जन्म 26 अक्तूबर 1890 को इलाहाबाद में हुआ था। दांगी ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने कानपुर से अपना स्वयं का अखबार प्रताप प्रारंभ किया। विद्यार्थी की कलम की धार तमंचे से भी तेज थी। अंग्रेज उनसे भयाक्रांत थे। कानपुर में भड़के दंगों में गणेश शंकर विद्यार्थी 25 मार्च 1931 को शहीद हो गए। इस अवसरपर रमेश मेहता, अशोक शर्मा, नरेंद्र कुमार, बलवान सिंह, अतुल स्वामी, राजेश शर्मा, मनोज सैनी, उधम सिंह आदि ने भी श्रद्धा सुमन भेंट किए।


