153 वी जयन्ती पर आजाद सिंह दाँगी ने कहा-बूढ़ी गांधी के नाम से प्रसिद्ध थीं मातंगिनी हाजरा
गोहाना :- 20 अक्तूबर : मातंगिनी हाजरा बूढ़ी गांधी के नाम से प्रसिद्ध थीं। उनकी 153वीं जयंती पर शुक्रवार को यह टिप्पणी आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की। दांगी शहर के सेक्टर 7 स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती पार्क में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर रही थीं। आजाद सिंह दांगी के अनुसार मातंगिनी हाजरा का जन्म 20 अक्तूबर 1870 को पश्चिम बंगाल में हुआ था। 1932 में अंग्रेजों के खिलाफ निकले जलस में जब उन्होंने कोई महिला नहीं दिखी, तब वह स्वयं जुलूस में सम्मिलित हो गई। 1933 में उन्होंने अंग्रेज अधिकारी को काले झंडे दिखा कर साहस का परिचय दिया। 29 सितंबर 1942 को जब वह तमलुक में तिरंगा ले कर विरोध मार्च का नेतृत्व कर रही थीं, तभी उन्हें अचानक लगी गोली ने शहीद कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद प्रेम कौर ने की।उन्होंने कहा कि मातंगिनी हाजरा विधवा थीं, पर वह अदम्य शौर्य की प्रतीक थीं।इस अवसर पर धर्मबीर मलिक,देवकांत, रामवीर, भूमिका, बीरमति, बबीता, जगमति, प्रेमलता, सुनीता, सुशीला, ज्योति, निर्मला आदि भी उपस्थित थे


