गोहाना के सुरेंदर विश्वास 220 बार रक्तदान करके सर्वश्रेष्ठ रक्तदाता बने

16 साल की उम्र में पहली बार रक्तदान की शुरुआत करने वाले सुरेंद्र विश्वास न केवल अब तक 220 बार रक्तदान करके सर्वश्रेष्ठ रक्तदाता बने हैं, बल्कि दूसरे के लिए प्रेरणा स्त्रोत भी बने हैं। सुरेंद्र विश्वास चार बार राज्यपाल से सम्मानित होने के साथ ही रेडक्रॉस मेडल भी प्राप्त कर चुके हैं। अब वह आहुति के साथ-साथ भागराम ट्रस्ट का भी संचालन कर रहे हैं। दोनों ही संस्थाएं रक्तदान के लिए समर्पित हैं।
शहर की रेलवे कॉलोनी निवासी सुरेंद्र विश्वास ने बुटाना गांव में 23 सितंबर 1987 को लगे एनसीसी कैंप में 16 वर्ष की आयु में पहली बार रक्तदान किया। इसके बाद सुरेंदर विश्वास ने 19वें जन्म दिवस पर रोहतक स्थित पीजीआई में साइकिल पर करीब 40 किलोमीटर का सफर तय करके रक्तदान किया था। वहां पीजीआई के ब्लड बैंक में रक्तदान करने के दौरान विभागाध्यक्ष डॉक्टर पीके सहगल से मुलाकात हुई।
डॉ. पीके सहगल ने रक्तदान का महत्व समझाया। सुरेंद्र विश्वास अब तक 220 बार रक्तदान कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त 1450 रक्तदान शिविर आयोजित करवा चुके हैं। वर्ष 2000 में उसने रक्तदान और नेत्रदान को समर्पित आहुति संस्था का गठन किया। संस्था द्वारा अब तक करीब 77 कैंप लगवाए जा चुके हैं, जिनमें 6399 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ है। इसके अतिरिक्त संस्था द्वारा नेत्रहीनों की जिंदगी को रोशन करने के लिए 970 लोगों के नेत्रदान भी करवाए गए हैं। वहीं चिकित्सा क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए पांच देहदान भी करवा चुके हैं।
रेडक्रॉस गोल्ड मेडल और राज्यपाल से सम्मानित हो चुके हैं सुरेंद्र विश्वास
सुरेंद्र विश्वास रक्तदान को अभियान बनाने के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कई बार सम्मानित हो चुके हैं। सुरेंद्र ने बताया कि उसे रेडक्रॉस से तीन बार स्टेट अवार्ड और एक बार रेडक्रॉस का गोल्ड मेडल मिल चुका है। रक्तदान करने के लिए एक बार नेशनल आवार्ड भी
मिला है। इसके अतिरिक्त सुरेंद्र विश्वास चार बार राज्यपाल से भी सम्मानित हो चुके हैं।



