मोहाना :- पांच वर्ष बाद एक फिर मोहाना गांव में अराजकता का खौफ फैल गया है। बुधवार की रात छह गोलियां और चाकू से गोदकर हुई आनंद की हत्या के बाद पूरे गांव में सन्नाटा छाया है। इस घटना से हर कोई स्तब्ध है। वीरवार को दिनभर गांव में यह वारदात चर्चा का विषय बनी रही। गांव में चर्चा है कि पांच साल पहले यह खूनी खेल शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक थमा नहीं है। 2018 में हुई हत्या की रंजिश में अब मोहाना के आनंद का खून बहाने का आरोप लगा है। बेशक तब हत्या के मामले में नामजद हुए आनंद के भाई सुनील की भी गोली लगने से जान चली गई थी, लेकिन उसके बाद भी रंजिश खत्म नहीं हो सकी। अब सुनील के भाई आनंद की हत्या कर दी गई है।

पुलिस ने मामले में 5 अगस्त 2018 को विजय के परिवार की महिला दीपा के बयान पर सुनील के खिलाफ पहले हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में हत्या की धारा जोड़ी गई थी। उस मामले में सीआईए ने गांव के अक्षय समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। अक्षय घटना के समय सुनील के साथ आया था। वहीं सुनील के भाई आनंद व दो अन्य को भी शस्त्र अधिनियम में अन्य धाराओं में पकड़ा था। उस समय इस मामले में 26 मई 2023 को अक्षय को उम्रकैद की सजा हो चुकी है और अब आनंद की हत्या कर दी गई, जिसमें छह आरोपियों पर हत्या करने व एक आरोपी कुलदीप उर्फ कल्लू पर हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप है।
आनंद रात को साइकिल का खेल देखने गया था। खेल देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगी थी। उसके बाद भी हमलावरों ने मौके पर पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया आैर वहां से भाग निकले। आरोप है कि बचाव करने पर तीन ग्रामीणों पर भी फायर झोंक दिया था। उन्होंने मौके से भागकर जान बचाई।
शराब कारोबार को लेकर शुरू हुई थी कहासुनी
मोहाना गांव में पांच साल पहले शराब कारोबार को लेकर रंजिश शुरू हुई थी। सुनील की गोली का शिकार हुआ बिजेंद्र उर्फ विजय शराब के ठेके में सांझीदार था। बताया जा रहा है कि शराब कारोबार को लेकर ही उनका गांव में विवाद हुआ था, जिसके बाद मामला बढ़ने पर अन्य के कहने पर सुनील ने अपने साथी अक्षय के साथ आकर उन्हें गोली मारी थी। उस दौरान बिजेंद्र उर्फ विजय के भाई प्रदीप ने बीच-बचाव किया तो उसे भी गोली मार दी थी। तब तीन युवकों की जान गई थी। अब उसी रंजिश में आनंद की जान चली गई।



