26 की उम्र पर भारत माता पर मर मिटे थे धींगड़ा : डॉ. सेतिया
गोहाना :- 17 अगस्त 1909 को लॉर्ड कर्जन वायली की हत्या के आरोप में जब मदन लाल धींगड़ा को फांसी पर लटकाया गया था, उस वक्त उनकी उम्र केवल 26 साल थी। यह टिप्पणी आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने की। डॉ. सेतिया पुरानी सब्जी मंडी स्थित अमर शहीद मदन लाल धींगड़ा पार्क में धींगड़ा की 140वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता पार्क की सुधार समिति के अध्यक्ष जगदीश चिंदा ने की। संयोजन मोर्चे के संरक्षक आजाद सिंह दांगी के साथ रमेश मेहता ने किया। दांगी ने कहा कि मदन लाल धींगड़ा का जन्म 18 सितंबर 1883 अमृतसर के सम्पन्न परिवार में हुआ। उनकी नन्ही आंखों ने बचपन से देश की आजादी का सपना संजोया था। वह लंदन में शिक्षा ग्रहण करने के लिए गए हुए थे। इस अवसर पर हरभगवान चोपड़ा, कश्मीरी लाल बावा, हरीश कपूर, कश्मीरी लाल कपूर, खेम चंद प्रजापति, जयपाल भनवाला, सुभाष शर्मा, सुरेश कुमार आदि भी मौजूद रहे।



