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साहस व शौर्य के प्रतीक थे कैप्टन विक्रम बत्रा-डॉक्टर सेतिया

गोहाना :- 9 सितंबर सेक्टर 7 गोहाना स्थित भगवान परशुराम आश्रम में कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती मनाई गई जिसमें मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के डायरेक्टर डॉक्टर सुरेश सेतिया ने कहा एक ऐसा हीरो जिसके साहस व शौर्य के आगे दुश्मन सैनिकों के छक्के छूट गए थे अंतिम सांस तक भारत माता के लिए लड़ने वाले उस असली नायक का नाम है *कैप्टन विक्रम बत्रा* कारगिल की लड़ाई में कैप्टन विक्रम बत्रा की बहादुरी और देश के लिए उनके बलिदान को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत भारतीय सेना के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में 9 सितंबर 1976 को जन्मे कैप्टन विक्रम बत्रा ने 1996 में भारतीय सेना की संयुक्त रक्षा परीक्षा पास की और सेना में कमीशन लेकर लेफ्टिनेंट बने जयंती समारोह के अध्यक्षता मोर्चे केसंरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की तथा उन्होंने कहा कैप्टन विक्रम बत्रा ने कारगिल की लड़ाई में जो बहादुरी और साहस से दुश्मन का खात्मा किया था उसकी आज भी मिसाल दी जाती है परशुराम आश्रम के संचालक सरपंच सुभाष शर्मा ने कहा कैप्टन विक्रम बत्रा के नेतृत्व में भारतीय सेना कारगिल कि वह चोटी फतह करने में सफल हुई भारत की इस जीत में कैप्टन बत्रा काअहम योगदान रहा कारगिल की चोटी पर लिए अपने साहसिक कदम की वजह से उन्हें शेरशाह का नाम दिया जाता है जयंती समारोह में प्रवीण गुप्ता राजपाल कश्यप ,रमेश मेहता , कृष्ण लाल बाबा ,मुख्तार सिंह दांगी ,जगमहेंद्र बाजवान ,सुरेश पवार तथा राहुल शर्मा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थेमोर्चा के डायरेक्टर डॉक्टर सुरेश सेतिया ने कहा एक ऐसा हीरो जिसके साहस व शौर्य के आगे दुश्मन सैनिकों के छक्के छूट गए थे अंतिम सांस तक भारत माता के लिए लड़ने वाले उस असली नायक का नाम है *कैप्टन विक्रम बत्रा* कारगिल की लड़ाई में कैप्टन विक्रम बत्रा की बहादुरी और देश के लिए उनके बलिदान को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत भारतीय सेना के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में 9 सितंबर 1976 को जन्मे कैप्टन विक्रम बत्रा ने 1996 में भारतीय सेना की संयुक्त रक्षा परीक्षा पास की और सेना में कमीशन लेकर लेफ्टिनेंट बने जयंती समारोह के अध्यक्षता मोर्चे केसंरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की तथा उन्होंने कहा कैप्टन विक्रम बत्रा ने कारगिल की लड़ाई में जो बहादुरी और साहस से दुश्मन का खात्मा किया था उसकी आज भी मिसाल दी जाती है परशुराम आश्रम के संचालक सरपंच सुभाष शर्मा ने कहा कैप्टन विक्रम बत्रा के नेतृत्व में भारतीय सेना कारगिल कि वह चोटी फतह करने में सफल हुई भारत की इस जीत में कैप्टन बत्रा काअहम योगदान रहा कारगिल की चोटी पर लिए अपने साहसिक कदम की वजह से उन्हें शेरशाह का नाम दिया जाता है जयंती समारोह में प्रवीण गुप्ता राजपाल कश्यप ,रमेश मेहता , कृष्ण लाल बाबा ,मुख्तार सिंह दांगी ,जगमहेंद्र बाजवान ,सुरेश पवार तथा राहुल शर्मा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे

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