सोनीपत :- हरियाणा के सोनीपत में पुलिस के एक सिपाही के पास चोरी की कार मिली। झज्जर में तैनात सिपाही जब मुरथल में टोल प्लाजा से गुजरा तो ऑनलाइन टोल टैक्स कटने का मैसेज गाड़ी मालिक तक पहुंच गया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कार्रवाई की तो वह ढ़ाबे पर खाना खाते हुए मिला। खुलासा हुआ कि सिपाही को इंजन व चेस नंबर बदल कर चोरी की कार बेची गई थी। पुलिस ने 2 के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जानकारी अनुसार झज्जर जिले के गांव दुलहेड़ा का परीक्षित हरियाणा पुलिस में है। फतेहाबाद के गांव अकावली निवासी मंगतराम ने उसे यूपी नंबर की एक कार 9 लाख 20 हजार रुपए दिलाई थी। उसे गाड़ी की आरसी आदि 15-20 दिन बाद देने की बात कही। उसे नहीं पता था कि कार चोरी की है। क्योंकि कार के इंजन व चेसी नंबर बदले गए थे।
परीक्षित ने बताया कि वह कार में सवार होकर अपने दोस्त के पास पानीपत गया था। वहां से लौटते समय उन्होंने मुरथल के भिगान टोल प्लाजा पर अपना पहचान पत्र दिखाकर कार को निकाला था। वह टोल पार कर आगे आकर एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुक गए। इसी बीच एक पुलिस की गाड़ी आई और उनकी कार के बारे में पूछताछ करने लगी। उन्होंने बताया कि कार को पांच माह पहले खरीदा था। इसकी आरसी अभी नहीं मिली है।
पुलिस कर्मी ने उसे बताया कि इस रजिस्ट्रेशन नंबर की कार उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित डॉ. कल्पना रानी के पास है। वह गाड़ी फिलहाल नोएडा में है। उन्होंने डॉ.कल्पना रानी का नंबर भी उन्हें उपलब्ध कराया। जब उन्होंने उनसे बात की तो पता लगा कि उनकी गाड़ी पर लगा नंबर उनकी कार का है। उनके पास अभी भिगान टोल से टैक्स कटने का मैसेज आया है। इस तरह के मैसेज पहले भी मिले हैं। इसके बाद उन्होंने मुरथल पुलिस को सूचना दी थी।
परीक्षित ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर जांच कराई तो पता लगा कि मंगतराम व प्रवीण ने उन्हें चोरी की कार नंबर व चेसिस नंबर बदलकर बेच दी है। उनसे 9.20 लाख ऐंठ लिए हैं। इस पर उन्होंने मुरथल थाना में आकर शिकायत दी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।



