
मूलरूप से फतेहाबाद फिलहाल सोनीपत के ओल्ड डीसी रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास रहने वाले राहुल ने पुलिस आयुक्त को बताया कि वह कपड़े की दुकान पर काम करता है। करीब छह साल पहले उसकी जान-पहचान मुकेश गोदारा से हुई थी। गोदारा ने उसे अपना मोबाइल नंबर दिया था। वह खुद को दिल्ली डाक विभाग में कार्यरत बताता था। उसने उसे सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया और रिज्यूम, आधार कार्ड, पैन कार्ड, दसवीं कक्षा की अंकतालिका मंगवाई।
उसने अपना रिज्यूम बनाकर उसे भेज दिया। वह एक दिन सोनीपत स्थित उनके घर आया और आधार कार्ड, पैन कार्ड के मूल प्रमाणपत्र के साथ दोनों की फोटो प्रति पर हस्ताक्षर कराकर ले गया। वह उन्हें जीएसटी विभाग या डाकखाना में नौकरी लगवाने की बात कही।
22 अप्रैल, 2022 को उसने कहा कि वह जीएसटी विभाग में नौकरी के लिए उसका फॉर्म भर रहा है। साथ ही कहा कि तुम्हारी ई-मेल पर ओटीपी आएगा, उसे बता देना। जिस पर उसने ओटीपी बता दिया। फिर फार्म भरने के नाम पर उससे दो हजार रुपये ले लिए। उसके बाद कोई काम नहीं हुआ।
11 मार्च को उसके पास आयकर विभाग से संदेश आया कि आप टैक्स की किस्त जमा कराएं। मेल में लिखा है कि फर्म ने आठ करोड़, पांच करोड़ व चार करोड़ का कारोबार किया है। संदेश को उसने अपने परिचित चार्टर्ड अकाउंटेंट को दिखाया तो उसने बताया कि उनके पैन कार्ड पर जीएसटी विभाग से जीएसटी नंबर रजिस्टर्ड करा हरीश इंडस्ट्रीज के नाम से फर्जी फर्म बनाई गई है।
उस फर्म के नाम पर बैंक खाता खोलकर करोड़ों का लेनदेन किया गया है। तब उन्हें धोखाधड़ी का पता लगा। मुकेश गोदारा ने उनके साथ धोखाधड़ी की है। उसने आरोपी का मोबाइल नंबर पुलिस को दिया है। पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को दी, जिसमें गड़बड़ी सामने आने पर पुलिस आयुक्त के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अमानत में खयानत, धोखाधड़ी, 132 जीएसटी एक्ट-2017 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले को लेकर शिकायत मिलने पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी। -कर्मजीत सिंह, थाना प्रभारी, सिविल लाइन सोनीपत।



