सैन्य सम्मान के साथ गांव मातंड के वीर सपूत गनर जयदीप को दी अंतिम विदाई


गोहाना (सोनीपत), 07 अप्रैल। गोहाना उपमंडल के गांव मातंड के वीर जवान गनर जयदीप (30 राष्ट्रीय राइफल्स), जो जम्मू-कश्मीर के लंगेट (कुपवाड़ा) में तैनात थे, का 5 अप्रैल 2026 को निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार मंगलवार को उनके पैतृक गांव मातंड में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया।
जैसे ही वीर सपूत का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और गणमान्य लोगों ने नम आंखों से अपने लाल को अंतिम विदाई दी। इस दौरान वातावरण “भारत माता की जय” और “शहीद जयदीप अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।
स्वर्गीय जयदीप को मुखाग्नि उनके भाई दीपक ने दी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
एसडीएम गोहाना डॉ. अनमोल ने गनर जयदीप को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका असमय निधन पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत दुःखद है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय जयदीप ने देश की सेवा करते हुए जो समर्पण और साहस दिखाया, वह सदैव हम सभी के लिए प्रेरणादायक रहेगा। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा। एसडीएम ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ा है तथा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दें।
स्वर्गीय जयदीप अपने पीछे पिता राममेहर, माता अंजना, पत्नी रचना और एक छोटे बेटे कयांश को छोड़ गए हैं। परिवार सहित पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है। उपस्थित लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर एसीपी देवेंद्र सिंह, बरोदा विधायक इंदुराज नरवाल, कपूर सिंह नरवाल, मेजर हेमंत सनसनवाल, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा के सचिव सुनील शर्मा, डॉ अरविंद शर्मा के पी ए अमित शर्मा, जीता हुड्डा, रणबीर सांगवान, सुभाष यादव, मोहित कुमार, के. रमना रेड्डी, डी. के. देशवाल, पूर्व कैप्टन धर्मवीर, पूर्व सूबेदार जोगिंदर तथा गांव मातंड के सरपंच राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



