विशेष आवश्यकता वाले बच्चे को मिली पहचान, डीसीपीयू व सीडब्ल्यूसी के प्रयासों से परिवार से हुआ मिलन
लगातार 7 प्रयासों के बाद बना आधार, प्रशासन की संवेदनशीलता का उदाहरण
सोनीपत, 02 अप्रैल। जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) एवं बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), सोनीपत द्वारा एक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे के अधिकारों एवं पहचान सुनिश्चित करने की दिशा में सराहनीय उपलब्धि हासिल की गई। यह सफलता विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों, धैर्य और निरंतर फॉलो-अप का परिणाम है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी रितु गिल ने बताया कि 06 अक्टूबर को पुलिस द्वारा विवेक (12 वर्ष) नाम का बच्चा लावारिस अवस्था में बरामद किया गया था। बरामदगी के बाद बच्चे को सुरक्षित देखरेख के लिए दिव्यांग सेवा समिति, सोनीपत में रखा गया।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर बच्चे के पास कोई पहचान पत्र या पता उपलब्ध न होने के कारण उसकी पहचान और परिवार तक पहुंच बनाना एक बड़ी चुनौती थी। बच्चा अपनी पारिवारिक जानकारी स्पष्ट रूप से देने में असमर्थ था, वहीं आधार कार्ड बनवाने के कई प्रयास भी आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में असफल होते रहे। इसके बावजूद डीसीपीयू व सीडब्ल्यूसी की टीम ने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास जारी रखे।
जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति की टीम ने विशेष समर्पण दिखाते हुए आधार कार्ड बनवाने के लिए कुल 7 प्रयास किए। प्रत्येक बार अधूरी जानकारी के कारण आवेदन निरस्त होने के बावजूद टीम ने प्रयास जारी रखे। इस दौरान पंचकूला स्थित यूडीआईडी (विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र) प्राधिकरण के साथ निरंतर समन्वय और फॉलो-अप किया गया, जबकि सीडब्ल्यूसी द्वारा समय-समय पर आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार सातवें प्रयास में बच्चे का आधार पंजीकरण सफल रहा। आधार डेटा के माध्यम से बच्चे का पता ट्रेस किया गया, जिससे उसके परिवार तक पहुंच संभव हो सकी। इस सफलता के परिणामस्वरूप बच्चे की पहचान आधिकारिक रूप से स्थापित हुई और उसके माता-पिता से संपर्क कर उसे सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कर दिया गया। यह पूरा कार्य बाल देखरेख संस्थान (सीसीआई) के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



