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एसजीटीयू की शार्ट फिल्म का ‘एमिटी फेस्ट’ में डंका, पाया पहला स्थान 

दमदार संदेश के दम पर 'ईयरफोन-ए वायरस' ने 18 प्रतियोगियों को पछाड़ा, बीएजेएमसी प्रथम वर्ष के छात्र हर्षित साबित हुए 'धुरंधर' 

 

गुरुग्राम, (अनिल जिंदल) 28 मार्च । दमदार सामाजिक संदेश, सजीव अभिनय, कुशल निर्देशन और तकनीकी दक्षता के दम पर श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राई सेंटेनरी यूनिवर्सिटी (एसजीटीयू) के छात्रों ने मोहाली के एमिटी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कल्चरल फेस्ट में श्रेष्ठता की बाजी अपने नाम की।

यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इमर्जिंग मीडिया, कम्युनिकेशन एंड फिल्म स्टडीज के छात्रों ने एमिटी यूनिवर्सिटी पंजाब में आयोजित प्रतिष्ठित सांस्कृतिक उत्सव ‘एमिफोरिया 2026’ में प्रथम स्थान हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया।

देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों की 19 लघु फिल्मों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा में एसजीटीयू की प्रविष्टि ने ‘डायरेक्टर्स कट’ श्रेणी में ‘बेस्ट फिल्म’ का अवार्ड जीतने के साथ ₹5000 का नकद पुरस्कार भी अपने नाम किया।

विजेता लघु फिल्म ‘ईयरफोन-ए वायरस’ ने एक सशक्त सामाजिक संदेश प्रस्तुत किया, जिसमें ईयरफोन के अत्यधिक और लापरवाह उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया। फिल्म ने दर्शाया कि एक छोटी-सी आदत, जिसकी यदि अनदेखी की जाए, तो कैसे गंभीर समस्या का रूप ले सकती है।

इस फिल्म का लेखन और निर्देशन प्रथम वर्ष के बीएजेएमसी छात्र हर्षित त्यागी ने किया, जबकि इसका निर्माण पूरी तरह छात्रों द्वारा ही किया गया।

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इस प्रोजेक्ट ने युवा फिल्मकारों की रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और कहानी कहने की क्षमता को बखूबी सामने रखा। जूरी के अनुसार, फिल्म अपनी सशक्त सिनेमैटोग्राफी, सार्थक शॉट चयन, आकर्षक नैरेटिव और प्रभावशाली सामाजिक संदेश के कारण सबसे अलग नजर आई। इसकी यथार्थपरक प्रस्तुति और तकनीकी उत्कृष्टता ने निर्णायकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

यह उपलब्धि एसजीटी यूनिवर्सिटी में उपलब्ध व्यावहारिक शिक्षण वातावरण और रचनात्मक अवसरों को दर्शाती है, जहां छात्रों को कक्षा में सीखी गई बातों को वास्तविक प्रोजेक्ट्स में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

यह जीत न केवल छात्रों की प्रतिभा को उजागर करती है, बल्कि अंतर-विश्वविद्यालय मंचों पर मीडिया और फिल्म शिक्षा के क्षेत्र में एसजीटी यूनिवर्सिटी की बढ़ती पहचान को भी स्थापित करती है।

इस उपलब्धि के साथ इन युवा फिल्मकारों ने यह साबित कर दिया है कि जब जुनून को सही मार्गदर्शन मिलता है, तो वहीं से सार्थक और प्रभावशाली सिनेमा जन्म ले सकता है।

एसजीटी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इमर्जिंग मीडिया, कम्युनिकेशन एंड फिल्म स्टडीज (एसएमसीएफ) ने कामयाबी की अलख जगाई है।

एसएमसीएफ के डीन अभिषेक दुबे ने बताया कि मीडिया एंड कम्युनिकेशन के छात्रों को आधारभूत शिक्षा एवं प्रोफेशनल दक्षता प्रदान करना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही कला, साहित्य सृजनात्मकता के लिए भी भरपूर अवसर प्रदान किए जाते हैं। मोहाली की उपलब्धि ने साबित कर दिखया कि हमारे छात्र शिक्षा में मेधावी और कला में ‘धुरंधर’ हैं।

Khabar Abtak

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