Gohana
करगिल युद्ध के 24 साल बाद भी शहीदों को याद करके, आंखें नम भले हो लेकिन देश के लिए कुर्बानी का गर्व भी झलकता है ।
गोहाना :- करगिल युद्ध के 24 साल बाद शहीदों को याद करके परिजनों क्या ग्रामीणों की आंखें नम भले हो जाती हैं लेकिन देश के लिए कुर्बानी का गर्व भी झलकता है । भंडेरी गांव के नायब सूबेदार महावीर सिंह एक सप्ताह पहले तो रूखी गांव के सिपाही सुखबीर सिंह 15 दिन पहले ही अपने-छोटे बच्चों को छोड़कर घर से युद्ध में ड्यूटी करने गए थे और दुश्मनों का डटकर मुकाबला करते हुए देश के लिए शहीद हुए थे। लेकिन गावों में उनकी कहानी जिंदा है।



