1857 की क्रांति के जनक थे मंगल पांडे : डॉ. सेतिया
गोहाना आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के सदस्यों ने बुधवार को सेक्टर-7 स्थित भगवान परशुराम आश्रम में क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती मनाई। उन्होंने मंगल पांडे के चित्र पर पुष्प अर्पित करके उन्हें नमन किया। मुख्य वक्ता डॉ. सेतिया ने कहा कि मंगल पांडे भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अग्रदूत थे। उन्होंने 22 साल की उम्र में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में भर्ती हुए थे। वह 1857 की पहले स्वतंत्रता संग्राम के जनक थे। पहली गोली उन्होंने चलाई गई थी।
इसके बाद आजादी की चिंगारी पूरे देश में फैल गई थी। 1857 की क्रांति के बाद ही देश में आजादी की लड़ाई को बल मिला था। देश का प्रत्येक नागरिक आजादी की लड़ाई में शामिल हो गया था। उन्होंने कहा कि देश के लिए अपने प्राणों की कुर्बानी देने वाले क्रांतिकारियों को कभी नहीं भुलाया जाना चाहिए। इस अवसर पर आजाद डांगी, राहुल शर्मा, सुभाष शर्मा, ओम प्रकाश, रमेश, कृष्ण, नारायण, सुधीर, शीला, प्रीति, आशु, मोनिका, मूर्ति उपस्थित थे।



