रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो परियोजना : मेट्रो रेल लाइन बिछाने के लिए हटाए जाएंगे 100 से अधिक खंभे

सोनीपत :-मेट्रो के प्रस्तावित रूट पर जिले की सीमा में कुंडली से नाथूपुर तक 100 से ज्यादा खंभे हटाए जाएंगे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी) के सुपरवाइजर ने कुंडली में प्रस्तावित मेट्रो लाइन को लेकर निरीक्षण किया है। मेट्रो लाइन दिल्ली के रिठाला से कुंडली होते हुए नाथूपुर तक मेट्रो लाइन का विस्तार किया जाएगा। इसको लेकर प्रधानमंत्री की ओर से मेट्रो लाइन के विस्तार का शिलान्यास किया जा चुका है।
रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण पर 6230 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कार्य अगले चार साल में पूरा होने वाला है। नई दिल्ली में 6 दिसंबर, 2024 को हुई कैबिनेट मंत्रिमंडल की बैठक में जिले के लोगों को बड़ी सौगात देते हुए रिठाला से कुंडली-नाथूपुर तक मेट्रो लाइन बिछाने की मंजूरी दी थी। जिला की सीमा पर दिल्ली बॉर्डर से कुंडली होते हुए नाथूपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के साथ मेट्रो लाइन बिछाई जाएगी। इसको लेकर डीएमआरसी की बिजली विंग की ओर से सर्वे किया जा रहा है।
सुपरवाइजर की तरफ से बिजली अधिकारियों के साथ कुंडली क्षेत्र में सर्वे किया गया। जिस जगह पर लाइन का निर्माण होना है, उस जगह पर बिजली लाइनें अगर आती हैं तो उनको हटाने के लिए रिपोर्ट तैयार होगी। शुरुआत जांच में कुंडली से नाथूपुर तक 100 से ज्यादा लाइन आ रही हैं। मेट्रो लाइन को लेकर डीएमआरसी की ओर से फाइनल रिपोर्ट तैयार कर उत्तर हरियाणा बिजली निगम को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर बिजली निगम के अधिकारी बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के लिए एस्टीमेट तैयार करेंगे। डीएमआरसी से बजट मिलने के बाद लाइनों को शिफ्ट किया जा सकेगा।
मेट्रो कॉरिडोर निर्माण से जिला वासियों को बड़ी राहत मिलेगी और दिल्ली आवागमन बेहद आसान हो सकेगा। मेट्रो आने पर यहां से दिल्ली में नौकरी करने जाने वाले लोगों को फायदा होगा तो दिल्ली से सटे कुंडली व राई औद्योगिक क्षेत्र में रोजाना नौकरी करने आने वाले लोगों को भी बड़ा फायदा होगा।
– डीएमआरसी की ओर से नाथूपुर तक मेट्रो लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए डीएमआरसी ने बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के लिए पिछले सप्ताह सुपरवाइजर को भेजा गया था। सुपरवाइजर ने बताया था कि जल्द ही फाइनल सर्वे होने के बाद रिपोर्ट बिजली निगम को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के बाद एस्टीमेट तैयार करके लाइन शिफ्ट करने के लिए बजट मांगा जाएगा।
– सतीश गोयत, उपमंडल अभियंता, बिजली निगम



