जम्मू-कटड़ा एक्सप्रेस वे बनने से बंद हुए खेतों के रास्ते बनेंगे

गोहाना :-10 दिसम्बर : डी.सी. डॉ. मनोज कुमार ने
एन.एच.ए.आई. और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जम्मू-कटड़ा एक्सप्रेस वे के बनने से जिन किसानों के चकबंदी या तकसीम के समय लगे रास्ते बंद हो गए हैं, उनके रास्तों का निर्माण करवाया जाए ताकि किसानों को खेतों में जाने के लिए रास्ता मिल सके। अगर किसी किसान की एक जगह 10 एकड़ जमीन थी और राजस्व रिकार्ड के अनुसार उसके खेत तक रास्ता था,लेकिन एक्सप्रेस वे के निर्माण से उसके खेत चक के दो भाग हो गए और एक चक तक तो रास्ता रह गया और एक्सप्रेस वे की दूसरी साइड बचे खेत का रास्ता बंद हो गया था, उसे खेत को भी नजदीक स्थित रास्ते से जोड़ा जाए।
डॉ. मनोज कुमार ने एक्सप्रेस वे के निर्माण से गोहाना क्षेत्र के गाँव पूठी, रूखी, गंगेसर, बुटाना खेतलान, भैसवान खुर्द, गिवाना आदि के किसानों को हुई परेशानियों के समाधान के लिए किसानों और एन.एच.ए.आई के अधिकारियों के साथ बैठक की। डी. सी. ने कहा कि एक्सप्रेस वे के निर्माण से जिन किसानों के खेतों में जाने वाले नहरी पानी के पहुंचने में कोई परेशानी आ रही है तो उसके लिए भी उचित व्यवस्था की जाए। अगर वहां पाइप लाइन दबानी है तो पाइप लाइन दबाएं। कानूनगो और पटवारी मौका मुआयना कर जिन खेतों में नए रास्ते लगाने हैं, उसकी 31 दिसंबर तक रिपोर्ट तैयार करें ताकि एन.एच.ए.आई. उन खेतों को रास्ता देने के लिए भूमि का अधिग्रहण कर सके।
डी.सी. ने यह भी कहा कि जम्मू-व-कटरा एक्सप्रेसवे के निर्माण से जिन किसानों के खेतों में जाने वाला राजस्व रिकार्ड रास्ता बंद हो गया है तो वे अपनी लिखित शिकायत डी. आर. ओ. कार्यालय में तुरंत जमा करवाएं ताकि सभी किसानों के खेतों में रास्ता लगवाया जा सके। बैठक में कुछ गांवों के सरपंचों ने मांग रखी कि उनकी पंचायत की अधिग्रहण हुई जमीन के पैसे नहीं मिले है तो डी.सी. ने पी. डी. जग भूषण को निर्देश दिए कि इस बारे मुख्यालय बात करें ताकि इन पंचायतों को पैसा मिल सके।
बैठक में डी.आर.ओ. हरिओम अत्री, डी.डी.पी.ओ. जितेन्द्र कुमार आदि भी मौजूद रहे।



