डॉ. कपूर नरवाल ने बरोदा गांव में आयोजित विशाल रैली को संबोधित करते हुए कहा ; या तो 5 को वोट दे देना, नहीं तो लकड़ी देने गोहाना आ जाना

गोहाना :-15 सितंबर : या तो 5 अक्तूबर को मुझे वोट दे देना, नहीं तो लकड़ी देने गोहाना आ जाना। रविवार की दोपहर रुंधे गले से यह मार्मिक अपील बरोदा हलके के निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. कपूर नरवाल ने की। वह 3 साल से कैंसर से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा : भूपेंद्र सिंह हुड्डा न मुझ से अन्याय किया, अब न्याय आप को करना है ।

डॉ. कपूर नरवाल बरोदा गांव में रैली को संबोधित कर रहे थे। इस रैली में सफीदों से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व विधायक जसबीर देशवाल, 2019 का विधानसभा चुनाव बरोदा हलके और 2024 का लोकसभा चुनाव सोनीपत सीट से लड़ चुके भूपेंद्र सिंह मलिक तथा बरोदा हलके से लगातार 3 बार चुनाव जीत चुके स्व. श्रीकृष्ण हुड्डा के पी.ए. कप्तान हुड्डा भी पहुंचे। रैली में डॉ. कपूर नरवाल ने मंच पर लेट कर जनता का अभिवादन किया तथा सबसे पहले बरोदा गांव के बाबा गोसाई, बाबा डाब वाले और बाबा बालक दास के साथ बाबा गौरव पुरी और बाबा भले गिरि के नारे भीड़ से लगवाते हुए उन्हें नमन किया।
डॉ. कपूर नरवाल 2009 और 2014 के दो विधानसभा चुनाव बरोदा हलके से इनेलो प्रत्याशी के रूप में लड़ चुके हैं। दोनों बार उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी स्व. श्रीकृष्ण हुड्डा को कड़ी टक्कर दी। 2020 में जब श्रीकृष्ण हुड्डा के अचानक निधन से उप चुनाव हुआ, तब डॉ. कपूर नरवाल को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने टिकट की पेशकश की। उसी बीच कांग्रेस की टिकट के वायदे के साथ पूर्व सी.एम. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुलवा लिया। तब डॉ. कपूर नरवाल ने नामांकन दाखिल कर भी दिया। पर कांग्रेस ने प्रत्याशी इंदुराज नरवाल को बना दिया। इस पर गोहाना आए पूर्व सी.एम. भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा ने डॉ. कपूर नरवाल को 2024 की टिकट की जुबान दी और यह कहते हुए तब उनका नामांकन वापस करवा दिया कि अगला चुनाव आप का ही होगा तथा कांग्रेस की टिकट आप ही को मिलेगी।
जब इस बार दोबारा से कांग्रेस ने इंदुराज नरवाल पर ही दांव लगा दिया, तब पूर्व सी.एम. भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कांग्रेस छोड़ दी। अब वह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। बरोदा की रैली में डॉ. कपूर नरवाल ने कहा कि मुझ से भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने न्याय किया,अब मुझे विधानसभा में भेज कर आप ने न्याय करना है। वह बोले : पता नहीं, हुड्डा की क्या मजबूरी रही, वह बड़े आदमी हैं, मैं उन्हें दोष नहीं देता, पर मेरे साथ न्याय नहीं किया।
डॉ. कपूर नरवाल ने कहा कि उन्हें बरोदा हलके के चप्पे-चप्पे का पता है। उन्हें कहीं जाने पर यह नहीं पूछना पड़ता कि फलां का घर कहां है, वह सीधे उसके घर पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे 55 के 55 गांव की एक-एक समस्या की पूरी जानकारी है।
मेरी जन्मस्थली बेशक कथूरा गांव है, पर मेरी कर्मभूमि पूरा बरोदा हलका है। मुझे विधानसभा में भेज दो. मैं अपनी खाल बेच कर भी आप का अहसान नहीं उतार पाऊंगा। जीतने के बाद कान पकड़ कर जहां छोड़ आओगे, वहीं रहूंगा
डॉ. कपूर नरवाल ने कैंसर की बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि मेरी जिंदगी आप के प्यार ने बख्शी है, मैं आप की दी हुई जिंदगी जी रहा हूं। मैं तो अपने भाइयों, बेटों और भतीजों को भी कह कर जाऊंगा कि कल को मेरे साथ कोई ऊक-चूक हो जाए, बरोदा हलके की सेवा करना कभी न छोड़ना ।
डॉ. कपूर नरवाल सोमवार की सुबह 9 बजे गोहाना शहर में महम रोड पर अपने चुनाव कार्यालय का शुभारंभ हवन पूर्वक करेंगे। बरोदा गांव की रैली में नेताओं के साथ जनता ने भी डॉ. कपूर नरवाल पर धन की खुली वर्षा की। ज्यादातर वक्ताओं ने कहा कि उनका चुनाव बरोदा हलके की जनता लड़ेगी।



