डॉ. कपूर नरवाल निर्दलीय चुनाव न लड़ने के फैसले पर अडिग हैं, कैंसर पेशेंट, दो दिन पहले कहा : जाने कब जिंदगी चली जाए, भाजपा टिकट दे दे तो एम. एल. ए. बनने से आत्मा शांत हो जाएगी
गोहाना :-10 सितंबर : भारतीय जनता पार्टी ने बरोदा हलके से डॉ. कपूर नरवाल पर दांव नहीं लगाया है। ऐसे में मायूस डॉ. नरवाल निर्दलीय चुनाव न लड़ने के अपने फैसले पर अडिग हैं। पूर्व सी. एम. भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर वादाखिलाफी का आरोप लगा कांग्रेस छोड़ चुके डॉ. नरवाल ने दो दिन पहले कहा था -कैंसर पेशेंट हूं, जाने कब जिंदगी चली जाए,भाजपा टिकट दे दे तो एम.एल.ए. बनने से आत्मा शांत हो जाएगी। इतनी मार्मिक अपील का भी भाजपा हाईकमान पर कोई असर नहीं हुआ ।
कथूरा गांव के डॉ. कपूर नरवाल गोहाना में रहते हैं । वह 2009 और 2014 के दो विधानसभा चुनाव इनेलो प्रत्याशी के रूप में लड़ चुके हैं। उनके अनुसार 3 नवंबर 2020 को हुए बरोदा हलके के चुनाव में यह निश्चित प्रायः था कि भाजपा उन्हें चुनाव लड़वाती। लेकिन उससे ऐन पहले पूर्व सी.एम. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उन्हें दिल्ली बुलवा लिया तथा कहा कि उनकी कांग्रेस टिकट फाइनल है। इस पर उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया। लेकिन कांग्रेस ने इंदुराज नरवाल को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
तब पूर्व सी.एम. भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा उनके गोहाना स्थित निवास पर आए। उनसे माइक पर और सार्वजनिक रूप से वादा किया कि 2024 को चुनाव आप का होगा, टिकट आप को ही दी जाएगी। इस पर हुड्डा पिता-पुत्र ने उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए तैयार कर लिया। उसी वायदे की याद दिलाने के लिए डॉ. कपूर नरवाल ने इसी माह की पहली तारीख को अपने निवास पर पंचायत की थी ।
लेकिन जब उनसे हुआ वायदा अधूरा रहा और कांग्रेस हाईकमान ने पुन: बरोदा हलके के वर्तमान विधायक इंदुराज नरवाल को प्रत्याशी घोषित कर दिया, 7 सितंबर को डॉ. कपूर नरवाल ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और सब पदों से त्यागपत्र भी दे दिया। उसके बाद भाजपा सहित सब प्रमुख गैर-कांग्रेस दलों ने उनसे संपर्क किया। डॉ. कपूर नरवाल रोहतक गए और वहां उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। उन्हें उम्मीद थी कि भाजपा उन्हें प्रत्याशी बनाएगी ।
8 सितंबर को अपने घर दोबारा की बरोदा हलके की पंचायत में डॉ. कपूर नरवाल ने खुलासा किया था कि उन्हें कैंसर है। पंचायत में तय हुआ था कि अगर भाजपा टिकट देगी, तभी डॉ. कपूर नरवाल चुनाव लड़ेंगे।
मंगलवार को भाजपा ने उनकी जगह प्रदीप सांगवान को
उम्मीदवार घोषित कर दिया। मायूसी के आलम में डॉ. कपूर नरवाल ने दोहराया कि वह अपने निश्चय पर कायम हैं। वह निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ेंगे। भाजपा मौका देती तो जरूर चुनाव लड़ते ।



