जैन संत जय मुनि ने गोहाना की पुरानी अनाज मंडी स्थित जैन स्थानक में प्रवचन करते हुए कहा-कोमलता और ममता हैं नारी के पर्यायवाची
गोहाना :-11 अगस्त : कोमलता और ममता नारी के पर्यायवाची हैं। रविवार को यह टिप्पणी जैन संत जय मुनि ने की। वह शहर में पुरानी अनाज मंडी स्थित जैन स्थानक में प्रवचन कर रहे थे।
उनके प्रवचन को श्रवण करने के लिए सोनीपत से पूर्व कैबिनेट मंत्री कविता जैन तथा गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी भी पहुंचीं । जय मुनि ने कहा कि महिलाओं को सम्मान दें तथा उन्हें सदैव सम्मान की दृष्टि से ही देखें |महिला को केवल शारीरिक पैमाने से न तौलें । आज किसी भी कार्य में नारी नर से पीछे नहीं है अपितु कंधे से कंधा मिला कर चल रही है। देश की राष्ट्रपति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि देश के सबसे ऊंचे पद पर भी एक महिला ही आसीन है। जैन संत जय मुनि ने कहा कि नारी रचनाकारों की रचनाकार है। चाहे कोई किसी भी क्षेत्र में कितना भी प्रतिष्ठित क्यों नहीं हो गया, एक दिन उसने अपनी मां की कोख से ही जन्म लिया था।



