गोहाना में चन्द्र शेखर आजाद की 118वीं जयंती पर आजाद हिन्द देश भक्त मोर्चे द्वारा आयोजित समारोह में मोर्चे के सदस्यों और गोहाना वासियों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
चंद्रशेखर आजाद ने कहा था कि मैं आजाद था, आजाद हूं और आजाद ही रहूंगा।

गोहाना :-23 जुलाई : चंद्रशेखर आजाद ने कहा था कि मैं आजाद था, आजाद हूं और आजाद ही रहूंगा। यह दावा उन्होंने तब किया था जब अंग्रेजों के साथ मुठभेड़ में घायल होने पर अपने ही रिवाल्वर की आखिरी गोली स्वयं पर दाग कर देश के लिए कुर्बानी दे दी थी। मंगलवार को यह टिप्पणी आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की।
वह आजाद की 118वीं जयंती पर उनके नाम से बने पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भेंट कर रहे थे। यह पार्क पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थित है। श्रद्धांजलि समारोह की अध्यक्षता इस पार्क के पूर्व अध्यक्ष रमेश मेहता ने की।
रमेश मेहता ने कहा कि जब चंद्रशेखर आजाद पहली बार अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तार किए गए थे, तब उन्होंने अपना नाम
आजाद, पिता का नाम स्वतंत्रता और मां का नाम भारत मां बताया था । जब उनके शरीर पर कोड़े बरस रहे थे, तब वह निरंतर वंदे मातरम का उद्घोष कर रहे थे ।
इस अवसर पर डॉ. ललित, विक्की वधवा, सुरेंद्र परुथी, रणधीर नागर, अर्जुन बजाज, सुरेश फौजी, पवन बावा, जगदीश कथूरिया, कृष्ण शर्मा, मनोज शर्मा आदि भी मौजूद रहे।


