रिश्ता टूटने पर जिस ने थामा हाथ, उसी की जानकारी के बिना बनवाया जाली मैरिज सर्टिफिकेट, गोहाना के मैरिज रजिस्ट्रार की भूमिका भी शक के दायरे में
तलाक का केस दाखिल होने पर हुआ खुलासा, लड़का पानीपत, लड़की रोहतक की, मैरिज सर्टिफिकेट बनवाया गोहाना में, आरोपी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में अहमदाबाद में है मैनेजर नियुक्त, गोहाना के एस. डी. जे. एम. की अदालत के आदेश पर गोहाना सिटी थाने में दर्ज हुआ केस
गोहाना :-18 जुलाई : दो दिन पहले शादी का रिश्ता टूट गया। तब शादी वाले दिन ही जिस दूसरे भलेमानस युवक ने हाथ थाम लिया, उसी के खिलाफ तलाक के केस को फाइल कर दिया गया और वह उस फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट के आधार पर जिस की पति को कोई जानकारी तक नहीं थी, गोहाना के मैरिज रजिस्ट्रार के आगे न तो वह, न ही उसके माता-पिता कभी पेश हुए। तीनों के जाली हस्ताक्षर किए गए।
पति पानीपत का, पत्नी रोहतक की, पर मैरिज सर्टिफिकेट धोखे और फर्जी दस्तावेजों से गोहाना में बनवाया गया। अब गोहाना के एस. डी. जे. एम. की अदालत के आदेश पर गोहाना सिटी थाने में आरोपी पत्नी और उसके सहयोगियों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। आरोपी महिला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मैनेजर है । वह इस समय अहमदाबाद में नियुक्त है।
मुद्दई कर्ण रोहिल्ला पुत्र अश्विनी रोहिल्ला मूलत: पानीपत का है। वह इस समय महाराष्ट्र के पुणे शहर में रह रहा है। आरोपी अनु रोहिल्ला पुत्री जगबीर रोहिल्ला सूर्य नगर, रोहतक की रहने वाली है । कर्ण रोहिल्ला का कहना है कि पारिवारिक मित्रों के हस्तक्षेप से उसका विवाह बेहद असामान्य परिस्थितियों में हुआ।
दरअसल अनु से जिस लड़के की शादी होनी थी, उसने शादी से दो दिन पहले रिश्ता तोड़ दिया। शादी की सब तैयारियां पूर्ण हो चुकी थीं। ऐसे में अश्विनी रोहिल्ला और अनु रोहिल्ला की शादी उसी दिन हुई जिस दिन अनु की शादी रिश्ता तोड़ने वाले युवक से होनी प्रस्तावित थी। यह शादी 21 अप्रैल 2019 को पूरे विधि-विधान से रोहतक में हुई।
शादी के बाद अनु अपने पति अश्विनी रोहिल्ला के साथ पुणे में रहने लगी। वह यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर थी। उसने अपना तबादला पुणे में ही करवा लिया । अब अनु ने अश्विनी से तलाक लेने के लिए रोहतक की फैमिली कोर्ट में केस फाइल किया है। इस तलाक के केस में अनु ने गोहाना के मैरिज रजिस्ट्रार द्वारा 26 अप्रैल 2019 को जारी मैरिज सर्टिफिकेट नंबर 1876 दिनांक 26 अप्रैल 2019 प्रस्तुत किया है।
आश्चर्य इस बात का है कि अश्विनी रोहिल्ला को ऐसे किसी मैरिज सर्टिफिकेट की जानकारी तक नहीं है |उसका कहना है कि उसे इस मैरिज सर्टिफिकेट की जानकारी ही तलाक के केस के बाद मिली है। उसके अनुसार उसने कभी इस मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन नहीं किया। न तो वह स्वयं, न उसके माता-पिता गोहाना में मैरिज रजिस्ट्रार के कार्यालय में कभी आए। उसका आरोप है कि उस समेत उसके माता-पिता के फर्जी हस्ताक्षर किए गए।
अनु रोहिल्ला का पुणे से ट्रांसफर हो चुका है। वह इस समय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की अहमदाबाद ब्रांच में नियुक्त बताई गई है। अश्विनी रोहिल्ला का कहना है कि उस और उसके माता-पिता की जगह किन्हीं अन्य लोगों को मैरिज रजिस्ट्रार के सामने पेश किया गया तथा उनके नकली हस्ताक्षर करवाए गए। मैरिज सर्टिफिकेट के लिए फर्जी और जाली दस्तावेजों का सहारा लिया गया।
वैसे तो अनु रोहतक की रहने वाली है और अश्विनी पानीपत का मूल निवासी है। तलाक का केस भी रोहतक की फैमिली कोर्ट में दाखिल किया गया है। लेकिन चूंकि विवादास्पद मैरिज सर्टिफिकेट गोहाना के मैरिज रजिस्ट्रार के द्वारा जारी किया गया है, ऐसे में मुख्य आरोपी अनु रोहिल्ला और उसके सहयोगियों के खिलाफ केस गोहाना सिटी थाने में दर्ज किया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि अश्विनी रोहिल्ला ने अदालत की शरण तब ली जब पुलिस ने उसकी शिकायत पर केस दर्ज नहीं किया। उसके अनुसार उसने 26 मार्च 2024 को गोहाना पुलिस के ए.एस.पी. और सिटी थाने को शिकायत की, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब यह पुलिस जांच में उजागर होगा कि अनु रोहिल्ला की ओर से अश्विनी रोहिल्ला और उसके माता-पिता के तौर पर किन अन्य लोगों को मैरिज रजिस्ट्रार के सामने पेश किया गया ।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह मैरिज सर्टिफिकेट गोहाना से ही क्यों बनवाया गया क्यों कि न पति गोहाना से है, न पत्नी। मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना ही था तो उसे पति की सहमति से क्यों नहीं बनवाया गया तथा इस के लिए उसी शरीफ आदमी को धोखा क्यों दिया गया जिसने रिश्ता टूट जाने के बाद आखिरी पलों में शादी कर ली थी । गोहाना के मैरिज रजिस्ट्रार कार्यालय की इस पूरे मामले में भूमिका भी शक के दायरे में है और वह जांच में ही स्पष्ट हो सकेगी।


