गोहाना में स्वामी कल्याण देव की 20वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन
आजाद सिंह दांगी ने किया दावा : संन्यासी जीवन में स्थापित किए 300 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थान

कल्याण देव सदा चले पैदल, पानी में भिगो कर खाते थे रोटी : डॉ. सेतिया
गोहाना :-13 जुलाई : देश के विभिन्न राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों द्वारा अपने जनकल्याण कार्यों के लिए बार-बार सम्मानित विश्वकर्मा वंशी स्वामी कल्याण देव जीवन में हमेशा पैदल चलते रहे । वह पानी में भिगो कर रोटी खाते थे। यह दावा शनिवार को आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने किया। इसी मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा कि स्वामी कल्याण देव ने संन्यासी का जीवन यापन करते हुए 300 से अधिक शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए। अवसर स्वामी कल्याण देव की 20वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह का था । यह कार्यक्रम शहर के वार्ड नंबर 9 में स्थित विश्वकर्मा मंदिर में हुआ। मार्गदर्शन इसी मंदिर के पुजारी जीवन चंद ने किया। उन्होंने कहा कि स्वामी कल्याण देव अपने
तप के बल पर 129 वर्ष तक दीर्घजीवी रहे। इस अवसर पर रमेश मेहता, सतबीर पौडिया, हरभगवान चोपड़ा, राजपाल कश्यप, ओम प्रकाश जांगड़ा, शीश पाल शर्मा, पाले राम धीमान, कश्मीरी लाल बावा, सुभाष शर्मा, कुंदन कुमार आदि भी मौजूद रहे।


