पुलिस ने दूधिए की हत्या के मामले में तीन आरोपी हत्या के 6 घंटे के भीतर दबोचे

गोहाना :-11 जुलाई : नेशनल हाईवे 709 पर गोहाना-पानीपत मार्ग पर गुरुवार सुबह शामड़ी गांव के एक दूधिए को गोलियों से भून दिया गया। इस हत्या की वारदात को तीन बदमाशों ने अंजाम दिया।एक ढ़ाबे की सी.सी.टी.वी. फुटेज में बदमाश दूधिए पर गोलियां चलाते नजर आ रहे हैं। वारदात के 6 घंटे के भीतर पुलिस ने 3 हत्यारोपी गिरफ्तार भी कर लिए।
पुलिस के अनुसार 8 से 10 गोलियां चलाई गईं। यह वारदात चार साल पहले हुई एक हत्या की रंजिश में हुई बताई जा रही है जिसमें मृतक के बेटे का नाम आया था। मौके पर डी.सी.पी., ए.सी.पी., सदर थाने और क्राइम ब्रांच की पुलिस के साथ एफ. एस. एल. की टीम पहुंची। जोगेंद्र उर्फ जयपाल (50) दूधिया था। वह दूध बेचने का काम करता था। वह शामड़ी गांव की सीसान पंचायत में रहता था। वह गुरुवार की सुबह रोज की तरह से दूध के चार ड्रम बाइक पर बांध कर सप्लाई करने के लिए गोहाना के लिए निकला था। जब जोगेंद्र शामड़ी से 8
किलोमीटर दूर सैनीपुरा गांव के निकट स्थित शिव गोरखनाथ ढ़ाबे के पास पहुंचा, उसे पीछे से बाइक पर आए तीन बदमाशों ने रोका। आरोप है कि पहले उससे हाथापाई की गई। उसके बाद उस पर गोलियों की बारिश कर दी गई। हालांकि जोगेंद्र ने भाग कर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन वह सड़क के किनारे गिर गया। हत्या उक्त ढ़ाबे के दूसरी तरफ स्थित सड़क पर हुई ॥ आरोप है कि ढाबे पर मौजूद लोग चुपचाप हत्या होते देखते रहे। पुलिस को सूचना तब दी गई जब बदमाश अपने मनसूबों को अंजाम दे कर मौके से फरार हो गए । इसी ढ़ाबे के सी.सी.टी.वी. कैमरे में वारदात रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में बदमाश जोगेंद्र से बहस करते उस पर गोलियां चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
जिस समय जोगेंद्र को गांव खानपुर कलां स्थित बी.पी.एस. राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में ले जाया जा रहा था, उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। महिला मेडिकल कॉलेज में तथा पहुंचने पर जोगेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। 7 अक्तूबर 2020 को शामड़ी गांव में रविंद्र पुत्र सतबीर की हत्या हो गई थी । उस हत्या में जो नामजद थे, उनमें से एक जोगेंद्र का बेटा अंकुश और दूसरा आरोपी बिचपड़ी गांव का आशीष था। पुलिस फिलहाल यह मान रही है कि यह हत्या उसी हत्या की रंजिश में की गई।
पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने 8 से 10 गोलियां चलाईं। इनमें से मृतक जोगेंद्र को कितनी गोलियां लगीं, यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा । हत्या की सूचना मिलने पर गोहाना पुलिस जिले के डी.सी.पी. वीरेंद्र सिंह तोमर स्वयं वारदात के मौके पर पहुंचे। सोनीपत से क्राइम के ए.सी.पी. राजपाल सिंह भी आए। सदर थाने और क्राइम ब्रांच की पुलिस के साथ सोनीपत से एफ.एस.एल. की टीम भी जांच करने के लिए पहुंची। डी.सी.पी. रवींद्र सिंह तोमर ने गुरुवार सायं आयोजित पत्रकार वार्ता में दावा किया कि पुलिस ने शामड़ी गांव के दूधिए जागेंद्र उर्फ जयपाल की हत्या के मामले में तीन आरोपी हत्या के 6 घंटे के भीतर दबोच लिए। इन में से दो आरोपी-आर्यन और कुलदीप मृतक के गांव शामड़ी के हैं जब कि तीसरा आरोपी मुकेश हांसी के चुलाना गांव का है। आरोपियों से एक अवैध पिस्तौल भी बरामद किया गया। तीनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
डी.सी.पी.तोमर ने इन त्वरित गिरफ्तारियों के लिए सी.आई.ए., गोहाना की टीम को शाबाशी दी।

