खत्म हो सिरसा और अंबाला का आरक्षण : मेहता

गोहाना :-6 जुलाई : खत्री-अरोड़ा मैत्री संघ की हरियाणा इकाई के प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम मेहता ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने खुलासा किया कि 1952 में हुए प्रथम चुनाव से लेकर अब तक प्रदेश में सिरसा और अंबाला संसदीय सीटें ही आरक्षित हैं। उन्होंने इन सीटों का आरक्षण खत्म कर इन की जगह राज्य की अन्य सीटों को रिजर्व करने की खुली मांग की।
श्याम मेहता गोहाना-महम मार्ग पर महम मोड़ पर स्थित
अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे । उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों पंजाबी बाहुल्य क्षेत्रों को नेताओं की एक सोची-समझी साजिश के तहत रिजर्व रखा जा रहा है ताकि प्रदेश के पंजाबी नेतृत्व को उभरने से रोका जा सके। खत्री- अरोड़ा मैत्री संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मेहता ने कहा कि जब भी परिसीमन हो, हर बार रिजर्व हलकों को बदल दिया जाना चाहिए। उनके अनुसार परिसीमन तो अनेक बार हो चुके हैं, लेकिन हर बार अंबाला और सिरसा को आरक्षित कर दिया गया तथा उनकी जगह दूसरे लोकसभा क्षेत्रों को रिजर्व नहीं किया गया ।
श्याम मेहता ने इसे पंजाबी नेतृत्व को कुचलने की सियासी साजिश करार दिया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है । इस पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि आगामी परिसीमन में अंबाला और सिरसा को मुक्त करते हुए प्रदेश के किन्हीं अन्य लोकसभा क्षेत्रों को आरक्षित किया जाए। उन्होंने साफ किया कि पंजाबी समाज अनुसूचित जातियों और
जनजातियों के राजनीतिक आरक्षण के खिलाफ नहीं है। लेकिन समाज केवल इतना भर चाहता है कि हर बार अंबाला और सिरसा को ही रिजर्व न रखा जाए ।



